बॉम्बे हाई कोर्ट ने रविंद्र वायकर की लोकसभा चुनाव में जीत को बरकरार रखा

बॉम्बे हाई कोर्ट ने शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार अमोल कीर्तिकर द्वारा रविंद्र वायकर की चुनावी जीत के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है। रविंद्र वायकर, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी शिवसेना गुट के नेता हैं। याचिका में वायकर के मुंबई उत्तर-पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुनाव को रद्द करने, इसे शून्य घोषित करने और कीर्तिकर को विधिवत निर्वाचित प्रतिनिधि घोषित करने का अनुरोध किया गया था।

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मामले की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति संदीप मार्ने ने याचिका को खारिज करने का आधार बताए बिना उसके खिलाफ फैसला सुनाया। कीर्तिकर ने इस साल की शुरुआत में हुए करीबी मुकाबले वाले चुनाव की मतगणना में विसंगतियों का आरोप लगाया था, जिसमें वे वायकर से मात्र 48 वोटों से हार गए थे – 452,644 बनाम 452,596।

अपनी विस्तृत याचिका में कीर्तिकर ने चुनाव प्रक्रिया में गंभीर खामियों का दावा किया और चुनाव अधिकारियों पर मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि 333 वोट नकली लोगों द्वारा डाले गए थे, जिसके बारे में उनका तर्क है कि इससे अंतिम परिणाम पर काफी प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा, उन्होंने मतगणना के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर की कार्रवाइयों को “अत्यधिक जल्दबाजी और स्पष्ट मनमानी” के रूप में वर्णित किया।

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