बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने वर्ष 2004 के मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) के एक फैसले को संशोधित करते हुए मृतक के परिजनों को मिलने वाले मुआवजे में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि “उचित मुआवजा” प्रदान करना न्यायालय का कानूनी दायित्व है और दावेदारों द्वारा अलग से कोई अपील या
