एक महत्वपूर्ण कदम में, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति पंकज मिथल ने एक परिपत्र जारी किया जिसमें अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों को उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों और मुख्य न्यायाधीशों के दौरे के लिए उपहार देने, प्राप्त करने, साथ रहने, या यात्रा / होटल की व्यवस्था करने से प्रतिबंधित किया गया।
