स्वर्ण व्यवसायी हत्याकांड: फरार बीडीओ को कलकत्ता हाईकोर्ट का अल्टीमेटम, 8 अक्टूबर तक सरेंडर न करने पर कुर्क होगी संपत्ति

कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्वर्ण व्यवसायी की हत्या के मामले में आरोपी और फरार चल रहे राजगंज के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) प्रशांत बर्मन को 8 अक्टूबर को दोपहर 3:30 बजे तक ट्रायल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का सख्त निर्देश दिया है। अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी तय समयसीमा में पेश नहीं हुआ, तो उसकी अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया जाएगा।

चीफ जस्टिस रवींद्र वी. घुगे और जस्टिस ओम नारायण राय की डिविजन बेंच ने यह भी आदेश दिया कि यदि बर्मन को अब तक वेतन और अन्य सेवा लाभ दिए जा रहे हैं, तो उन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। सुनवाई के दौरान अदालत ने दर्ज किया कि राज्य सरकार के वकील के पास संबंधित अधिकारियों से इस बात की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी कि बर्मन अभी भी औपचारिक रूप से सेवा में हैं या नहीं।

कानून का अनादर करने वालों पर सख्ती की जरूरत

अधिकारी के लगातार फरार रहने पर कड़ी टिप्पणी करते हुए बेंच ने कहा कि जो व्यक्ति कानून के प्रति सम्मान नहीं दिखाता, उसके साथ सख्ती से निपटना अनिवार्य है। अदालत ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों के पूर्व निर्देशों के बावजूद बर्मन ने आत्मसमर्पण नहीं किया है और वह लगातार कानून से भाग रहे हैं।

स्वर्ण व्यवसायी स्वपन कमिला की हत्या का मामला

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बर्मन पर स्वर्ण व्यवसायी स्वपन कमिला की हत्या में संलिप्तता का आरोप है। कमिला 28 अक्टूबर 2025 को साल्ट लेक के दत्ताबाद क्षेत्र से लापता हो गए थे और अगले दिन न्यू टाउन के जात्रागाछी के पास उनका शव बरामद किया गया था। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने सीधे तौर पर बर्मन पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था।

अदालती आदेशों की अनदेखी का घटनाक्रम

इस मामले में बर्मन को पहले भी कानूनी झटके लग चुके हैं। हाईकोर्ट ने 12 दिसंबर 2025 को उनकी जमानत रद्द करते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में सरेंडर करने का आदेश दिया था।

बर्मन ने जमानत रद्द किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी 2026 को उनकी याचिका खारिज करते हुए चार दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने को कहा था। हालांकि, बर्मन ने उस मियाद का भी पालन नहीं किया और तब से फरार हैं।

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सीआईडी की जांच और अगली सुनवाई

हत्याकांड की जांच कर रही राज्य सीआईडी ने मंगलवार को मामले की प्रगति रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की। सीआईडी की रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए डिविजन बेंच ने एजेंसी को 14 दिसंबर तक अगली अद्यतन प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी।

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