वकील और मुवक्किल के बीच पेशेवर विशेषाधिकार (एडवोकेट-क्लाइंट प्रिविलेज) और वैधानिक तलाशी शक्तियों के दायरे पर एक अहम फैसला सुनाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह विशेषाधिकार किसी वकील की अपनी कथित गैर-कानूनी संलिप्तता की जांच के खिलाफ पूर्ण ढाल नहीं बन सकता। जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस शैल जैन की खंडपीठ
