इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश के बाद फर्जी या जाली शैक्षणिक और कानून की डिग्री के आधार पर नामांकन कराने के आरोप में वकीलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में पिछले चार दिनों के दौरान 99 अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं।
हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को ऐसे 105 वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया था, जिनकी डिग्रियां सत्यापन के दौरान कथित रूप से फर्जी पाई गई थीं। इनमें से 99 मामलों में जरूरी दस्तावेज पुलिस को सौंपे जा चुके हैं। शेष छह मामलों में दस्तावेज मिलने के बाद FIR दर्ज की जाएगी।
सिविल लाइंस थाना प्रभारी रामाश्रय यादव के मुताबिक, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की ओर से अब तक 99 आवेदन दिए गए हैं। सभी मामलों में FIR दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए साक्ष्य तथा संबंधित दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।
सत्यापन में सामने आए 105 वकीलों के मामले
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के अधिकारियों के अनुसार, इन 105 वकीलों की पहचान बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सर्टिफिकेट एंड प्लेस ऑफ प्रैक्टिस वेरिफिकेशन रूल्स, 2015 के तहत की गई जांच में हुई।
सत्यापन के दौरान इन वकीलों की कानून की डिग्रियां कथित रूप से फर्जी पाई गईं। पुलिस के मुताबिक, जांच में प्रतिष्ठित संस्थानों के नाम पर तैयार की गई फर्जी या छेड़छाड़ वाली डिग्रियां भी सामने आई हैं। इनमें इलाहाबाद विश्वविद्यालय का नाम भी शामिल है।
हर FIR की अलग-अलग होगी जांच
अधिकारियों के मुताबिक, सभी 105 मामलों को एक साथ जोड़ने के बजाय प्रत्येक मामले में अलग FIR दर्ज की जाएगी।
पुलिस हर मामले में संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की स्वतंत्र रूप से जांच करेगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

