दिशा सालियान मौत मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल, पूछा- एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को मुंबई पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा कि पूर्व सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की 2020 में हुई मौत के मामले में पिता द्वारा आशंका जताए जाने के बावजूद प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कर जांच क्यों शुरू नहीं की गई।

जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की पीठ ने राज्य प्रशासन से जवाब मांगा कि जब मृतका के पिता ने हत्या का अंदेशा जताया था, तब मामले को सिर्फ एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (एडीआर) तक ही सीमित क्यों रखा गया। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 24 अगस्त की तारीख तय की है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस के दावों पर सवाल

सुनवाई के दौरान पीठ ने मामले के भौतिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम निष्कर्षों पर संदेह व्यक्त किया। जस्टिस डांगरे ने सवाल किया कि 14वीं मंजिल से गिरने के बावजूद पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता के शरीर पर चोट के कोई निशान कैसे नहीं मिले।

इसके जवाब में सरकारी वकील शिशिर हिरे ने अदालत को बताया कि पुलिस ने इस घटना की दो अलग-अलग जांच की थीं, और दोनों में ही निष्कर्ष निकला था कि सालियान ने आत्महत्या की है। हिरे ने कहा कि गवाहों के बयानों से भी इस बात की पुष्टि हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले की तस्वीरों में सिर पर चोट के निशान मौजूद हैं।

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हालांकि, सालियान के पिता सतीश सालियान का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील नीलेश ओझा ने सरकारी वकील के दावों का खंडन किया। ओझा ने आरोप लगाया कि जांच की शुरुआत में पुलिस द्वारा दिखाई गई तस्वीरों में चोट का कोई निशान नहीं था। उन्होंने पुलिस पर बाद में सिर की चोट दर्शाने वाली फर्जी तस्वीरें तैयार करने का आरोप लगाया।

दस्तावेज छिपाने पर पुलिस को फटकार

हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (एडीआर) जैसे बुनियादी दस्तावेज देने से इनकार करने पर भी पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। पीठ ने स्पष्ट किया कि जब पुलिस के मुताबिक मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं है और कोई सक्रिय जांच नहीं चल रही है, तो परिवार को सामान्य दस्तावेज न देने का कोई वाजिब कारण नहीं बनता।

मामले की पृष्ठभूमि और आरोप

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सतीश सालियान ने पिछले साल हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने और शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में एक आवासीय इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद उनकी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की गई थी, जिसके बाद प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने के लिए राजनीतिक दबाव में मामले को दबाया गया।

दिशा सालियान ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर के रूप में भी कुछ समय तक काम किया था, जिनकी मौत 14 जून 2020 को हुई थी।

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