एशियाई खेल ड्रेसेज चयन विवाद: अनुष और सुदीप्ति की याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार

जापान में होने वाले आगामी एशियाई खेलों के लिए भारतीय ड्रेसेज टीम में चयन न होने के खिलाफ घुड़सवार अनुष अग्रवाल और सुदीप्ति हाजेला की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया है। कोर्ट इस मामले पर गुरुवार, 9 जुलाई को सुनवाई करेगा। यह त्वरित फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि टीम चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की आखिरी तारीख 15 जुलाई तय की गई है।

सुप्रीम कोर्ट की आंशिक कार्य दिवस पीठ, जिसमें जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस शील लागू शामिल हैं, ने मंगलवार को इस मामले को उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट को बताया था कि टीम के अंतिम चयन के लिए अब बेहद कम समय बचा है, जिसके बाद अदालत ने इस पर जल्द सुनवाई की तारीख तय की।

हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत

इससे पहले, 6 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने दोनों घुड़सवारों की याचिका को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने एकल न्यायाधीश के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें इन खिलाड़ियों को राहत देने से इनकार कर दिया गया था। अनुष अग्रवाल और सुदीप्ति हाजेला, जिन्होंने 2022 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था, ने भारतीय घुड़सवारी महासंघ (EFI) के चयन निर्णयों को चुनौती दी है।

नया ट्रायल कराना व्यावहारिक रूप से असंभव

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हाईकोर्ट ने अपने फैसले में माना कि यद्यपि संभावित खिलाड़ियों की सूची तैयार करने में कोई गड़बड़ी नहीं थी, लेकिन भारतीय घुड़सवारी महासंघ (EFI) चयन मानदंडों के कुछ नियमों का पूरी तरह पालन करने में विफल रहा। इसके बावजूद, अदालत ने कहा कि 15 जुलाई 2026 की समयसीमा को देखते हुए इतने कम समय में दोबारा चयन प्रतियोगिता आयोजित करना व्यावहारिक रूप से असंभव है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी छह संभावित खिलाड़ी और उनके घोड़े इस समय दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हैं। इतने कम समय में घोड़ों को एक जगह इकट्ठा कर प्रतियोगिता कराना तार्किक रूप से संभव नहीं है। इसी वजह से हाईकोर्ट ने एकल न्यायाधीश के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, लेकिन महासंघ को भविष्य में चयन नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी।

एकल न्यायाधीश का फैसला और खिलाड़ियों की शिकायतें

इससे पहले 29 जून को हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश ने महासंघ की चयन प्रक्रिया को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी थी। एकल पीठ ने कहा था कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष थी और इसमें किसी भी तरह की मनमानी, पूर्वाग्रह या प्रक्रियात्मक खामी नहीं पाई गई।

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दोनों खिलाड़ियों ने महासंघ की तदर्थ (एड-हॉक) समिति द्वारा 16 जून को जारी की गई चयन सूची को चुनौती दी थी। इस सूची में चार अन्य खिलाड़ियों को मुख्य टीम में जगह दी गई थी, जबकि अनुष को पहले रिजर्व और सुदीप्ति को दूसरे रिजर्व खिलाड़ी के रूप में रखा गया था।

याचिकाकर्ताओं ने न्यूनतम पात्रता आवश्यकताओं (MER) की गणना, चयन नियमों की व्याख्या, अतिरिक्त ट्रायल न कराए जाने और चयन समिति में पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए थे, जिन्हें अदालत ने खारिज कर दिया था।

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