दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड और उसकी मैनेजिंग एडिटर अंजना ओम कश्यप द्वारा शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर तथा अन्य शिक्षकों के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे को मध्यस्थता (मेडिएशन) के लिए भेज दिया। अदालत ने कहा कि मामले में सौहार्दपूर्ण समाधान की संभावना दिखाई देती है और दोनों पक्ष इस दिशा में आगे बढ़ने के इच्छुक हैं।
जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को संयम बरतने की सलाह दी। अदालत ने खान सर को अंजना ओम कश्यप के बच्चों से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट हटाने को कहा, जबकि अन्य प्रतिवादियों से भी अपने पोस्ट में इस्तेमाल किए गए “असंसदीय” शब्दों को हटाने पर विचार करने को कहा।
सौहार्दपूर्ण समाधान की संभावना पर अदालत का जोर
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रारंभिक विचार के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि पक्षकार आपसी बातचीत के जरिए विवाद का समाधान कर सकते हैं। आदेश में दर्ज किया गया कि दोनों पक्ष वरिष्ठ मध्यस्थ की नियुक्ति के लिए तैयार हैं और उसी दिन से मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू करने पर भी सहमत हैं।
मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी।
दोनों पक्षों को संयम बरतने की सलाह
वादियों की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि खान सर ने सोशल मीडिया पर अंजना ओम कश्यप के बच्चों के पढ़ाई करने वाले संस्थान की जानकारी सार्वजनिक कर दी है, जिसके बाद उन्हें धमकियां मिल रही हैं।
इस पर अदालत ने कहा कि वादी भी संयम बरतें और खान सर बच्चों से जुड़ा खुलासा करने वाली सामग्री हटा दें। अदालत ने मौखिक रूप से यह भी कहा कि यह ऐसा विवाद नहीं है जिसे अदालत तक पहुंचना चाहिए था, खासकर तब जब संबंधित पक्ष युवाओं को शिक्षित करने का कार्य करते हों।
सुनवाई के दौरान वादियों के वकील ने आश्वासन दिया कि उनके मुवक्किल संयम बरतेंगे, जबकि खान सर की ओर से कहा गया कि बच्चों से जुड़े सभी संदर्भ हटा दिए जाएंगे।
राजनीति पर भी हुई अदालत की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान वादियों की ओर से यह भी कहा गया कि प्रतिवादी शिक्षक अपने शैक्षणिक पाठ्यक्रम में राजनीति पर चर्चा कर रहे हैं, जबकि एक शिक्षक के रूप में ऐसा नहीं होना चाहिए।
इस पर अदालत ने टिप्पणी की कि आज हर कोई राजनीति पर चर्चा करता है और जिसे राजनीति की जानकारी नहीं होती, वह भी राजनीति पर बात करता है।
दो करोड़ रुपये हर्जाने और रोक लगाने की मांग
टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड और अंजना ओम कश्यप ने यह मुकदमा खान सर के अलावा अभिनव मैथ्स के संस्थापक अभिनव शर्मा, आईसीएस कोचिंग की सह-संस्थापक बबीता त्यागी और नैया पार एजुकेशन के अरविंद भदौरिया के खिलाफ दायर किया है।
याचिका में कहा गया है कि 29 मई को अंजना ओम कश्यप ने नीट पेपर लीक विवाद के बाद आज तक चैनल पर प्रसारित एक कार्यक्रम में यूट्यूब शिक्षकों की विश्वसनीयता को लेकर चिंता व्यक्त की थी।
वादियों का आरोप है कि इसके बाद 30 मई से 4 जून के बीच प्रतिवादियों ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए निष्पक्ष आलोचना की सीमा पार करते हुए अंजना ओम कश्यप के चरित्र, ईमानदारी और पेशेवर प्रतिष्ठा पर व्यक्तिगत हमले किए।
वहीं प्रतिवादियों का कहना है कि उनके सोशल मीडिया पोस्ट अंजना ओम कश्यप के प्रसारण के जवाब में किए गए थे।
वादियों ने प्रतिवादियों से 2 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की है। साथ ही अदालत से यह भी अनुरोध किया है कि प्रतिवादियों को भविष्य में उनके खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी करने से रोका जाए।

