बॉम्बे हाईकोर्ट ने अमेज़न रिटेल इंडिया को निर्देश दिया है कि वह ठाणे जिले के भिवंडी स्थित अपने वेयरहाउस से सभी एक्सपायर्ड और खराब हो चुके खाद्य पदार्थों को वैज्ञानिक निस्तारण के लिए महाराष्ट्र एफडीए (खाद्य एवं औषधि प्रशासन) को सौंपे। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी प्रक्रिया में होने वाला खर्च अमेज़न को ही वहन करना होगा।
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अनखाड़ की पीठ ने सोमवार को अमेज़न की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम निर्देश जारी किया। अमेज़न ने एफडीए द्वारा अपने भिवंडी गोदाम का लाइसेंस रद्द किए जाने के फैसले को अदालत में चुनौती दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने एफडीए को 27 अगस्त तक अमेज़न की याचिका पर अपना जवाब हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
अंतरिम प्रक्रिया और निस्तारण का तरीका
अदालत द्वारा तय किए गए अंतरिम इंतज़ाम के तहत अमेज़न को भिवंडी वेयरहाउस में मौजूद सभी खराब और एक्सपायर हो चुके सामान की एक विस्तृत सूची तैयार करनी होगी। इसके बाद कंपनी यह सारा सामान संबंधित एफडीए अधिकारी के सुपुर्द करेगी, जो कानून के मुताबिक इसे नष्ट कराने की कार्रवाई पूरी करेंगे।
विवाद की शुरुआत और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई
एफडीए की टीम ने 24 जून को अमेज़न के भिवंडी स्थित गोदाम का निरीक्षण किया था। इसके अगले ही दिन यानी 25 जून को बिना कोई सुधार नोटिस जारी किए गोदाम का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। अमेज़न ने इस निलंबन के खिलाफ अपील दायर की। हालांकि, जब यह अपील लंबित थी, तब एफडीए ने 1 जुलाई को कंपनी को कारण बताओ नोटिस थमाया और बाद में लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिया।
नियामक संस्था का आरोप है कि अमेज़न नियमों के तहत एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री को नष्ट करने के बजाय उसे खुदरा बाजार में बिक्री के लिए भेज रहा था।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी और एफडीए का अभियान
इससे पहले शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एफडीए की कार्रवाई पर असंतोष जताया था। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि एफडीए अपनी नीतियों को लागू करने के नाम पर “मच्छर मारने के लिए तलवार का इस्तेमाल” कर रही है। अदालत ने एजेंसी को व्यवस्थित ढंग से कार्रवाई करने की हिदायत दी थी।
अमेज़न के खिलाफ यह कदम राज्यभर में चलाई जा रही व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है। मई महीने में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे द्वारा पदभार संभालने के बाद से एफडीए ने कई प्रसिद्ध रेस्तरां और खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की है।

