दिल्ली हाईकोर्ट ने एक आपराधिक मामले में याचिकाकर्ताओं पर पहले लगाया गया ₹50,000 का जुर्माना माफ कर दिया है। साथ ही, कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के वकील से कहा कि वह एक सप्ताह के भीतर दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) के सभी कर्मचारियों को समोसा और चाय बांटें।
जस्टिस सौरभ बनर्जी ने 17 सितंबर 2026 को इंडस बिर्रा बेवरेजेज एवं अन्य की ओर से दाखिल उस अर्जी को स्वीकार किया, जिसमें 20 अगस्त 2026 के आदेश के तहत लगाए गए जुर्माने को माफ करने की मांग की गई थी।
छह दिन की देरी भी माफ
जुर्माना माफी की अर्जी दाखिल करने में छह दिन की देरी हुई थी। इसके लिए याचिकाकर्ताओं ने अलग से देरी माफ करने की अर्जी दाखिल की।
कोर्ट ने अर्जी में बताए गए कारणों पर विचार करते हुए छह दिन की देरी को माफ कर दिया और संबंधित आवेदन का निस्तारण कर दिया।
₹50,000 का जुर्माना हटाया
इसके बाद कोर्ट ने 20 अगस्त 2026 के आदेश के तहत लगाए गए ₹50,000 के जुर्माने को माफ करने की मांग पर विचार किया।
मामले की परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने यह अर्जी भी स्वीकार कर ली और जुर्माना माफ कर दिया।
हालांकि, अर्जी का निस्तारण करते हुए कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के वकील को एक दिलचस्प निर्देश दिया।
कोर्ट ने कहा:
“याचिकाकर्ताओं के वकील को निर्देश दिया जाता है कि वह एक सप्ताह के भीतर दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सभी कर्मचारियों को समोसा और चाय वितरित करें।”
इसके साथ ही आवेदन का निस्तारण कर दिया गया।
केस डिटेल्स
केस टाइटल: इंडस बिर्रा बेवरेजेज एवं अन्य बनाम ईशान एसोसिएट्स
केस नंबर: CRL.M.C. 6010/2026
बेंच: जस्टिस सौरभ बनर्जी
तारीख: 17 सितंबर 2026

