भारत के सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया है कि अनुबंध के ‘स्पेसिफिक परफॉरमेंस’ (विशिष्ट अनुपालन) की मांग करने वाले वादी को लेनदेन की प्रासंगिक अवधि के दौरान अपनी वित्तीय तैयारी साबित करनी होगी, और इसके लिए सालों बाद जुटाए गए फंड पर भरोसा नहीं किया जा सकता। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया
