राहुल गांधी की संपत्ति की जांच होगी? इलाहाबाद हाईकोर्ट 12 मई को तय करेगा याचिका की स्वीकार्यता

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ आगामी 12 मई को उस याचिका पर सुनवाई करने जा रही है, जिसमें उनकी संपत्तियों की औपचारिक जांच की मांग की गई है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी के पास उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति है।

जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस ज़फ़ीर अहमद की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। 12 मई को होने वाली कार्यवाही में अदालत का मुख्य ध्यान इस बात पर होगा कि क्या यह याचिका “सुनवाई योग्य” (Maintainability) है। कानूनी प्रक्रिया के तहत, कोर्ट पहले यह तय करेगा कि क्या इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार और अधिकार क्षेत्र मौजूद हैं।

यह कानूनी चुनौती कर्नाटक के एक भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा पेश की गई है। उन्होंने इस साल 25 अप्रैल को यह याचिका दायर की थी। बुधवार को जब इस मामले पर संक्षिप्त चर्चा हुई, तो उस समय कोर्ट की वेबसाइट पर औपचारिक आदेश तुरंत उपलब्ध नहीं था। हालांकि, डिजिटल रजिस्ट्री के नवीनतम अपडेट के अनुसार, अब इस मामले को 12 मई को ‘एडमिशन’ (प्रवेश) के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

याचिकाकर्ता ने इस मामले में देश की कई बड़ी जांच एजेंसियों और सरकारी विभागों को पक्षकार (Respondents) बनाया है। इनमें शामिल हैं:

  • केंद्र सरकार
  • केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI)
  • प्रवर्तन निदेशालय (ED)
  • केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT)
  • उत्तर प्रदेश पुलिस
  • सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) के निदेशक
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याचिका में मांग की गई है कि ये एजेंसियां कांग्रेस नेता की वित्तीय होल्डिंग्स की गहन जांच शुरू करें। अब सबकी नजरें 12 मई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि क्या याचिकाकर्ता के दावों में इतना दम है कि अदालत इस पर विस्तृत जांच का आदेश दे।

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