दिल्ली हाईकोर्ट ने परक्राम्य लिखित अधिनियम (Negotiable Instruments Act), 1881 की धारा 138 के तहत दायर एक आपराधिक शिकायत को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि अपराध के घटित होने से पहले ही कंपनी के बैंक खाते ‘प्रोविजनल लिक्विडेटर’ (Provisional Liquidator) के नियंत्रण में आ जाते हैं, तो चेक बाउंस के
