बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में आरोपी आकाशदीप करज सिंह को जमानत दे दी। वह इस मामले में राहत पाने वाला पहला आरोपी बना है।
न्यायमूर्ति नीला गोखले की एकल पीठ ने 22 वर्षीय आकाशदीप सिंह को यह निर्देश भी दिया कि वह मुकदमे की कार्यवाही पूरी होने तक मुंबई नहीं छोड़ेंगे।
पूर्व कांग्रेस विधायक बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर 2024 की रात को बांद्रा ईस्ट स्थित अपने बेटे ज़ीशान के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सिंह को इस मामले में नवंबर 2024 में गिरफ्तार किया गया था।
जमानत याचिका में सिंह ने दावा किया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप न केवल निराधार हैं बल्कि अस्पष्ट भी हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें केवल एक संगठित आपराधिक गिरोह का सदस्य बताया गया है, लेकिन हत्या में उनकी कोई विशेष भूमिका नहीं बताई गई है।
सिंह ने यह भी दलील दी कि मुकदमे की कार्यवाही जल्द शुरू होने की संभावना नहीं है, और ऐसे में ट्रायल से पहले लंबे समय तक जेल में रहना उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
मुंबई पुलिस ने इस मामले में जनवरी 2026 में आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को वांछित आरोपी बताया गया है। पुलिस के अनुसार, अनमोल ने बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश रची ताकि आपराधिक गिरोह में डर और दबदबा कायम किया जा सके।
इस मामले में अब तक कुल 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।

