सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने कहा कि राज्य एलजीबीटीक्यू+ व्यक्तियों को कानून का पूरा संरक्षण देने के लिए बाध्य है, अगर शीर्ष अदालत द्वारा मान्यता प्राप्त उनके अधिकार खतरे में हैं। उन्होंने कहा कि विवाह और परिवार को नियंत्रित करने वाले नियमों को संहिताबद्ध करने की कवायद, जो हमेशा सटीक नहीं होती
