एक ऐतिहासिक फैसले में, न्यायालय की अध्यक्षता कर रही न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने केवल एक आपराधिक मामले में संलिप्तता के आधार पर आग्नेयास्त्र लाइसेंस रद्द करने पर एक बड़ा झटका दिया। याचिकाकर्ता ने अपने वकील श्री अनूप कुमार मिश्रा द्वारा प्रतिनिधित्व करते हुए प्रतिवादी संख्या द्वारा 2 अगस्त, 2019 को पारित आदेश को चुनौती
