चेक बाउंस मामले में कोर्ट ने दोगुना भुगतान करने का आदेश दिया

महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने एक चेक बाउंस मामले में एक व्यवसायी को चार लाख रुपये की दोगुनी राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि पैसा नहीं देने पर उसे तीन महीने के सश्रम कारावास की सजा काटनी होगी।

यह आदेश ठाणे न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट राजेश पाटकी ने 2 मई को पारित किया था, जिसकी एक प्रति शुक्रवार को उपलब्ध कराई गई।

शिकायतकर्ता अभिमन्यु मनसुख का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता बलदेव राजपूत और प्रियंका डफले ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल और ग्लोब ओवरसीज सर्विसेज के मालिक व्यवसायी रत्नकांत गुप्ते दोस्त थे।

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उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने 20 जुलाई, 2011 को गुप्ते को दो लाख रुपये का कर्ज दिया था। जुलाई 2018 में, गुप्ते ने मनसुख के नाम पर 2 लाख रुपये का चेक जारी किया, लेकिन बैंक ने “अपर्याप्त धन” का हवाला देते हुए इसे अस्वीकार कर दिया, अदालत को बताया गया था।

शिकायतकर्ता ने कहा कि वह कोशिशों के बावजूद गुप्ते से अपने पैसे वापस नहीं ले सका।

अदालत ने गुप्ते को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया और उन्हें चेक की दोगुनी राशि 4 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि अगर राशि का भुगतान नहीं किया गया तो उसे तीन महीने के कठोर कारावास की सजा काटनी होगी।

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