विधि आयोग द्वारा समान नागरिक संहिता पर मांगे गए सुझाव पर राष्ट्रीय स्वराज परिषद् की बैठक आहूत की गई। इस बैठक में ‘मिशन् अनुच्छेद 44: एक राष्ट्र, एक सिविल कानून’ द्वारा तैयार 25 सूत्रीय सुझाव-पत्र पर विस्तृत चर्चा किया गया। बैठक में निम्न प्रस्ताव पारित किया गया- संविधान सभा ने अनुच्छेद 44 अंगीकृत करके स्वीकार
