मॉडल से अभिनेत्री बनीं 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में शुक्रवार को कई बड़े और नाटकीय मोड़ आए। देश की सर्वोच्च कानूनी संस्था ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया’ (BCI) ने कड़ा कदम उठाते हुए आरोपी पति और पेशे से वकील समर्थ सिंह की प्रैक्टिस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
इसी बीच, पिछले एक हफ्ते से फरार चल रहे समर्थ सिंह ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली और गुपचुप तरीके से जबलपुर की एक अदालत में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया। सरेंडर के तुरंत बाद भोपाल पुलिस ने उसे अपनी कस्टडी में ले लिया है।
“वकील कोर्ट के अधिकारी हैं, दाग बर्दाश्त नहीं” — बार काउंसिल
समर्थ सिंह को निलंबित करने का अंतरिम आदेश जारी करते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने बेहद सख्त रुख अपनाया। काउंसिल ने स्पष्ट किया कि वकीलों का आचरण ऐसा होना चाहिए जिससे न्यायपालिका और कानूनी पेशे की गरिमा पर कोई आंच न आए।
काउंसिल ने अपने आदेश में कहा:
“चूंकि समर्थ सिंह पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं और इनका सीधा असर कानूनी पेशे की छवि और अनुशासन पर पड़ता है, इसलिए उन्हें तत्काल प्रभाव से वकालत करने से निलंबित किया जाता है। यह निलंबन बार काउंसिल की अनुशासन समिति के अगले निर्णय तक लागू रहेगा।”
इस निलंबन के बाद अब समर्थ सिंह भारत की किसी भी अदालत, ट्रिब्यूनल या प्राधिकरण में न तो पैरवी कर सकेंगे और न ही कोई वकालतनामा दाखिल कर पाएंगे। बीसीआई ने इस बात को भी रेखांकित किया कि आरोपी वकील लगातार पुलिस जांच से बच रहा था और फरार चल रहा था।
नाटकीय घटनाक्रम: जमानत अर्जी वापस ली और जबलपुर में किया सरेंडर
बीते एक सप्ताह से पुलिस की पकड़ से दूर समर्थ सिंह को लेकर शुक्रवार को कोर्ट में भारी सरगर्मी रही। पहले उसने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से अपनी अग्रिम जमानत की याचिका वापस लेकर सबको चौंका दिया। इसके फौरन बाद उसने जबलपुर की एक स्थानीय अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पहले से अलर्ट भोपाल पुलिस ने बिना वक्त गंवाए उसे हिरासत में ले लिया, जहां अब उससे पूछताछ की जा रही है।
शादी के चंद महीनों बाद मौत: नशे की लत बनाम दहेज प्रताड़ना का आरोप
यह पूरा मामला भोपाल के कटारा हिल्स इलाके का है, जहां बीते 12 मई को ट्विशा शर्मा अपने ससुराल में फांसी के फंदे से लटकी पाई गई थीं। दोनों की शादी को अभी कुछ ही महीने हुए थे।
ट्विशा की मौत के बाद से दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं:
- ससुराल पक्ष का दावा: समर्थ सिंह के परिवार का कहना है कि ट्विशा गंभीर ड्रग्स एडिक्शन (नशे की लत) से जूझ रही थीं, जिसके कारण उन्होंने यह कदम उठाया।
- मायके पक्ष का आरोप: दूसरी तरफ, ट्विशा के माता-पिता और परिजनों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही उसे लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसने उसे जान देने पर मजबूर कर दिया।
हाईकोर्ट सख्त: AIIMS दिल्ली की टीम करेगी दोबारा पोस्टमार्टम
शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर ट्विशा के परिवार द्वारा गहरा संदेह जताए जाने के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में दखल दिया है। कोर्ट ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की एक विशेषज्ञ टीम को बुलाकर ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम (Second Autopsy) कराने का आदेश जारी किया है।
इसके अलावा, हाई कोर्ट ने इस मामले की सह-आरोपी और ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह को भी नोटिस जारी किया है। दरअसल, गिरीबाला सिंह पर जांच में सहयोग न करने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद उनकी जमानत रद्द करने की मांग को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

