फिल्म टिकट कीमत बढ़ोतरी पर 90 दिन पहले सूचना देने के तेलंगाना हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तेलंगाना हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें राज्य सरकार को निर्देश दिया गया था कि किसी भी फिल्म के टिकट की कीमत बढ़ाने का फैसला फिल्म की रिलीज़ से कम से कम 90 दिन पहले सार्वजनिक किया जाए। शीर्ष अदालत ने फिल्म निर्माता कंपनी मैत्री मूवी मेकर्स की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम राहत दी और तेलंगाना सरकार समेत अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया।

न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदूरकर की पीठ फिल्म निर्माता द्वारा दाखिल उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें तेलंगाना हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के आदेश को चुनौती दी गई थी। डिवीजन बेंच ने इससे पहले एकल पीठ के अंतरिम आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।

हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 20 जनवरी को अंतरिम आदेश पारित करते हुए कहा था कि यदि भविष्य में राज्य सरकार किसी फिल्म के टिकट की कीमत बढ़ाने की अनुमति देती है, तो उस निर्णय को फिल्म की रिलीज़ से कम से कम 90 दिन पहले सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। अदालत ने कहा था कि ऐसा करने से इच्छुक व्यक्ति तेलंगाना सिनेमा विनियमन अधिनियम, 1955 की धारा 7A के तहत आपत्ति या आवेदन दाखिल कर सकेंगे।

यह विवाद राज्य के गृह विभाग द्वारा 8 जनवरी को जारी एक मेमो से उत्पन्न हुआ था। इस मेमो के जरिए चिरंजीवी अभिनीत फिल्म “मना शंकरा वरा प्रसाद गरु” के लिए टिकट कीमतों में वृद्धि की अनुमति दी गई थी। फिल्म 12 जनवरी को रिलीज़ होने वाली थी।

इस मेमो को अधिवक्ता दाचेपल्ली चंद्र बाबू ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि अचानक टिकट कीमतों में बढ़ोतरी करने से आम लोगों को धारा 7A के तहत अपनी आपत्ति या समीक्षा प्रस्तुत करने का अवसर नहीं मिल पाता।

मामले की सुनवाई के दौरान एकल पीठ ने कहा था:
“उपरोक्त तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यदि भविष्य में सरकार फिल्म टिकट की कीमत बढ़ाने का निर्णय लेती है, तो प्रतिवादी संख्या 1 और 2 को निर्देश दिया जाता है कि वह ऐसे निर्णय को फिल्म की रिलीज़ से नब्बे दिन पूर्व सार्वजनिक करें, ताकि इच्छुक व्यक्ति तेलंगाना सिनेमा विनियमन अधिनियम, 1955 की धारा 7A के तहत आवेदन प्रस्तुत कर सकें।”

हालांकि, अब सुप्रीम कोर्ट ने इस निर्देश के अमल पर फिलहाल रोक लगा दी है और तेलंगाना सरकार सहित संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। मामले पर आगे सुनवाई बाद में होगी।

READ ALSO  बॉम्बे हाई कोर्ट ने वकील की ड्रेस कोड के उल्लंघन पर बार काउंसिल को कार्रवाई करने का निर्देश दिया
Ad 20- WhatsApp Banner

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles