सोना ग्रुप ट्रस्ट विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने संजय कपूर की पत्नी को जारी किया नोटिस; 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला को दी मध्यस्थता की सलाह

सुप्रीम कोर्ट ने सोना ग्रुप की संपत्ति को लेकर चल रही पारिवारिक कानूनी जंग में हस्तक्षेप करते हुए, दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई संजय कपूर की 80 वर्षीय मां रानी कपूर द्वारा दायर याचिका पर की गई है।

सोमवार को जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने रानी कपूर की याचिका पर प्रिया कपूर और अन्य प्रतिवादियों से जवाब मांगा। अपनी याचिका में बुजुर्ग महिला ने ‘आरके फैमिली ट्रस्ट’ (RK Family Trust) को ‘शून्य और अवैध’ घोषित करने की मांग की है। उनका आरोप है कि इस ट्रस्ट का गठन फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर किया गया है ताकि उन्हें उनकी कानूनी विरासत से वंचित किया जा सके।

सोना ग्रुप के संस्थापक सुरिंदर कपूर की विधवा रानी कपूर का दावा है कि वह अपने दिवंगत पति की पूरी संपत्ति की एकमात्र उत्तराधिकारी हैं। उनकी याचिका के अनुसार, एक “व्यवस्थित धोखाधड़ी” के तहत इन विशाल संपत्तियों को आरके फैमिली ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। रानी कपूर का कहना है कि अक्टूबर 2017 में उनकी जानकारी या वास्तविक सहमति के बिना उनके नाम पर यह ट्रस्ट बनाया गया था।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उनके दिवंगत बेटे, संजय कपूर—जिनका जून 2024 में इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था—ने अन्य प्रतिवादियों के साथ मिलकर उनकी संपत्तियों को ट्रस्ट में शामिल किया। याचिका में कहा गया है कि संजय कपूर ने अपने जीवनकाल में कभी भी संपत्ति के अधिकारों से वंचित किए जाने की पुष्टि नहीं की और न ही उन्हें ट्रस्ट डीड की कॉपी प्रदान की।

सुनवाई के दौरान बेंच ने याचिकाकर्ता की उम्र और पारिवारिक विवाद को लेकर चिंता जताई। लंबी कानूनी लड़ाई के बजाय, कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी समझौते का रास्ता तलाशने का सुझाव दिया।

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बेंच ने रानी कपूर के वकील से कहा, “आप लोग क्यों लड़ रहे हैं? आपके मुवक्किल के लिए यह लड़ने की उम्र नहीं है। एक बार हमेशा के लिए मध्यस्थता (Mediation) के लिए जाएं। वरना, यह सब व्यर्थ है। आप 80 साल के हैं।”

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ट्रस्ट की संपत्तियों के हस्तांतरण पर यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने को कहा है और मामले की अगली सुनवाई 7 मई के लिए तय की है।

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सोना ग्रुप की संपत्ति का विवाद कई परतों में उलझा हुआ है। जहां सुप्रीम कोर्ट ट्रस्ट की वैधता पर सुनवाई कर रहा है, वहीं इससे जुड़े अन्य मामले दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित हैं।

इसमें संजय कपूर और उनकी पूर्व पत्नी व अभिनेत्री करिश्मा कपूर के दो बच्चों द्वारा दायर याचिका भी शामिल है। बच्चों ने अपने दिवंगत पिता की वसीयत की प्रामाणिकता को चुनौती दी है और प्रिया कपूर पर लालच में आकर काम करने का आरोप लगाया है।

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रानी कपूर की याचिका में विशेष रूप से प्रिया कपूर और उनके पोते-पोतियों को आरके फैमिली ट्रस्ट के हितों का उपयोग करने या उसके आधार पर कोई भी कार्रवाई करने से स्थायी रूप से रोकने की मांग की गई है।

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