सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: SCBA चुनाव में महिला वकीलों के लिए आरक्षित होगा उपाध्यक्ष का पद

कानूनी पेशे में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निर्देश दिया कि सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की आगामी 2025-2026 की कार्यकारी समिति के चुनावों में उपाध्यक्ष (Vice-President) का पद महिला सदस्यों के लिए आरक्षित रहेगा।

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने SCBA चुनाव सुधारों से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया कि बार एसोसिएशन ने आगामी चुनावों में उपाध्यक्ष पद को महिलाओं के लिए आरक्षित करने के सुझाव को सहर्ष स्वीकार कर लिया है।

सुप्रीम कोर्ट का यह नया निर्देश बार बॉडी के नेतृत्व में महिलाओं की उचित भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की एक कड़ी है। इससे पहले भी कोर्ट ने प्रशासनिक पदों के लिए एक निश्चित समयसीमा के तहत आरक्षण लागू करने के निर्देश दिए थे:

  • 2024-2025 चुनाव: इस दौरान कोषाध्यक्ष (Treasurer) का पद विशेष रूप से महिलाओं के लिए आरक्षित रखा गया था।
  • 2025-2026 चुनाव: मई 2025 में कोर्ट ने पहले ही निर्देश दिया था कि सचिव (Secretary) का पद महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित होगा।
  • ताजा निर्देश: अब आगामी चुनाव चक्र के लिए उपाध्यक्ष के पद को भी इसी आरक्षित श्रेणी में शामिल कर लिया गया है।
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इन विशिष्ट पदों के अलावा, कोर्ट ने कार्यकारी समिति में महिलाओं के लिए “एक-तिहाई” सीटों का फॉर्मूला भी अनिवार्य किया है। इसके तहत कार्यकारी समिति की 9 में से कम से कम 3 सीटें और वरिष्ठ कार्यकारी सदस्यों की 6 में से कम से कम 2 सीटें महिला वकीलों के लिए सुरक्षित की गई हैं।

चुनावों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए बेंच ने एक सख्त प्रक्रियात्मक रूपरेखा तैयार की है। इसके तहत SCBA को 29 मई तक चुनाव समिति अधिसूचित करने का निर्देश दिया गया है।

समिति के गठन के बाद, उसे 13 जुलाई को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करनी होगी। इस व्यवस्थित समयरेखा का उद्देश्य सुधार प्रक्रिया में स्थिरता लाना है। कोर्ट के “एक-तिहाई आरक्षण फॉर्मूले” को देश की अन्य बार बॉडीज ने भी अपनाना शुरू कर दिया है। हाईकोर्ट और अन्य अदालतों के बार एसोसिएशनों में भी इसी तरह के सुधार देखे जा रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट कानूनी पेशे के उच्चतम स्तरों पर अधिक समावेशी वातावरण तैयार करने के लिए इन सुधारों के कार्यान्वयन की निरंतर निगरानी कर रहा है।

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