आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री करुमूरी वेंकट नागेश्वर राव को शराब परिवहन टेंडर मामले में बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई करते हुए तेलंगाना हाईकोर्ट के उस आदेश को कायम रखा, जिसमें पूर्व मंत्री को गिरफ्तारी से राहत देने से इनकार कर दिया गया था।
स्वास्थ्य का हवाला और बचाव के तर्क
सुनवाई के दौरान पूर्व मंत्री के वकील ने अदालत से स्वास्थ्य कारणों के आधार पर अग्रिम जमानत देने का अनुरोध किया। उन्होंने दावा किया कि कथित धोखाधड़ी और अनियमितताओं में करुमूरी नागेश्वर राव की कोई भूमिका या संलिप्तता नहीं है। इससे पहले, तेलंगाना हाईकोर्ट ने भी 3 जुलाई को राव की याचिका खारिज कर दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।
मामले की पृष्ठभूमि और जांच का दायरा
यह मामला साल 2020 से 2024 के दौरान आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (APSBCL) में शराब परिवहन के टेंडर आवंटन में हुई गड़बड़ी से संबंधित है। मामले की जांच एक अलग प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) दर्ज करके की जा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह कार्रवाई आंध्र प्रदेश के मुख्य शराब घोटाले से अलग और स्वतंत्र है।

