सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर सुनवाई 1 दिसंबर तक के लिए टाल दी

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी झारखंड कैडर की निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर सुनवाई 1 दिसंबर तक के लिए टाल दी।

न्यायमूर्ति एसके कौल की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने यह नोट करने के बाद मामले को स्थगित कर दिया कि सिंघल के अधीन काम करने वाले तीन महत्वपूर्ण गवाहों से 23 नवंबर को पूछताछ की जानी है।

शीर्ष अदालत ने ट्रायल कोर्ट से कहा कि वह यह प्रयास करे कि गवाहों की गवाही उसी दिन पूरी हो जाए।

सिंघल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि वह सिंघल की मेडिकल रिपोर्ट के मद्देनजर इस स्तर पर अंतरिम जमानत के लिए दबाव नहीं डाल रहे हैं।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कोर्ट को बताया कि सिंघल की हालत स्थिर है.

शीर्ष अदालत ने पहले सिंघल से पूछा था कि क्या अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी गोपनीयता भंग करने का आरोप उन्हें जमानत देने का आधार हो सकता है।

लूथरा ने अदालत को बताया था कि जब वह रांची के एक अस्पताल में इलाज करा रही थीं, तब उनके कमरे की तस्वीरें लीक होने से उनकी गोपनीयता भंग हो गई थी।

READ ALSO  वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा छठी बार बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के रूप में चुने गए- जानें और

“मेरी मुवक्किल 200 दिनों से अधिक समय से हिरासत में है और वह न्यायिक हिरासत में है। उसे कुछ बीमारी के लिए अस्पताल ले जाया गया था और जब वह अपने परिवार के सदस्यों से मिल रही थी, तो तस्वीरें ली गईं और मीडिया में लीक हो गईं। एक अखबार ने इसे प्रकाशित किया। यह उनकी निजता का उल्लंघन है,” लूथरा ने कहा था।

न्यायमूर्ति कौल ने कहा था कि उनके खिलाफ आरोप “बहुत गंभीर” हैं और अदालत इस समय उन्हें जमानत देने पर विचार नहीं कर सकती है।

Also Read

READ ALSO  Supreme Court Seeks Clarification on Discrepancies in Delhi LG's Tree Felling Statements

शीर्ष अदालत ने 10 फरवरी को सिंघल को दो महीने की अंतरिम जमानत दी थी ताकि वह अपनी बीमार बेटी की देखभाल कर सकें।

प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच किए जा रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले के सिलसिले में उनसे जुड़ी संपत्तियों पर छापे मारे जाने के बाद सिंघल 11 मई, 2022 से हिरासत में हैं। यह मामला ग्रामीण रोजगार के लिए केंद्र की प्रमुख योजना मनरेगा के कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार से संबंधित है।

ईडी ने राज्य के खनन विभाग के पूर्व सचिव सिंघल पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है और कहा है कि उसकी टीम ने दो अलग-अलग मनी लॉन्ड्रिंग जांच के हिस्से के रूप में कथित अवैध खनन से जुड़ी 36 करोड़ रुपये से अधिक नकदी जब्त की है।

READ ALSO  कार में बैठकर महिला एडवोकेट ऑनलाइन सुनवाई में शामिल, कोर्ट की फटकार

2000-बैच के आईएएस अधिकारी के अलावा, उनके व्यवसायी पति, दंपति से जुड़े एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य पर भी जांच के तहत ईडी ने छापा मारा था।

उनकी गिरफ्तारी के बाद सिंघल को निलंबित कर दिया गया था।

Related Articles

Latest Articles