महाराणा प्रताप के सम्मान में बने गीत का मिर्जापुर के फाइट सीन में इस्तेमाल ‘अच्छी रुचि’ नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट, CBFC को एक सप्ताह में फैसला लेने का निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को “मिर्जापुर: द मूवी” के एक फाइट सीन में महाराणा प्रताप को समर्पित गीत “शूरवीर” के बैकग्राउंड म्यूजिक के रूप में इस्तेमाल पर सवाल उठाए। कोर्ट ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से कहा कि फिल्म निर्माता की ओर से सीन में जरूरी बदलाव करने के प्रस्ताव पर एक सप्ताह के भीतर फैसला लिया जाए।

चीफ जस्टिस डी के उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने गीत के इस्तेमाल को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मौखिक रूप से कहा कि प्रथम दृष्टया इसका इस्तेमाल अच्छी रुचि का नहीं लगता।

बेंच ने मौखिक टिप्पणी की, “हम ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं जहां हम हिंसा का महिमामंडन कर रहे हैं।”

सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि फिल्म निर्माता ने अपनी ओर से सीन में बदलाव के लिए CBFC से संपर्क किया है। CBFC के वकील ने कहा कि प्राधिकरण प्रस्तावित बदलावों पर जल्द फैसला लेगा।

हाईकोर्ट ने इस बीच निर्णय लेने का निर्देश देते हुए जनहित याचिका पर अगली सुनवाई 24 सितंबर को तय की है।

READ ALSO  2003 के रामावतार जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी की उम्रकैद की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

निर्माता ने कहा, क्लाइमेक्स को प्रभावी बनाने के लिए इस्तेमाल हुआ गीत

फिल्म निर्माता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि “शूरवीर” गीत का इस्तेमाल केवल क्लाइमेक्स को प्रभावी बनाने के लिए बैकग्राउंड म्यूजिक के तौर पर किया गया है। इस सीन में फिल्म के मुख्य किरदार गुंडों से लड़ते हैं।

निर्माता की ओर से कहा गया कि फिल्म के किसी भी किरदार की तुलना किसी ऐतिहासिक व्यक्ति से नहीं की गई है। यह दो गुटों के बीच लड़ाई का दृश्य है और इसका अपराध से सीधे तौर पर कोई संबंध नहीं है।

याचिकाकर्ता के वकील ने चिंता जताई कि फिल्म के OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो जाने के कारण याचिका निष्फल हो सकती है। इस पर बेंच ने कहा कि अगर निर्माता खुद गीत और बैकग्राउंड म्यूजिक में बदलाव कर रहे हैं तो याचिका दाखिल करने का उद्देश्य पूरा हो जाता है।

READ ALSO  पर्यावरण मंजूरी पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, प्रोजेक्ट्स को बैकडेट से ग्रीन क्लीयरेंस देने की केंद्र की व्यवस्था रद्द

याचिका में महाराणा प्रताप के आदर्शों से गलत जुड़ाव का आरोप

प्रशांत कुमार सिंह की ओर से दाखिल जनहित याचिका में कहा गया है कि “शूरवीर” महाराणा प्रताप को समर्पित संगीत रचना है और फिल्म में जिस तरह इसका इस्तेमाल किया गया है, उससे उनके आदर्शों और पर्दे पर दिखाए गए हिंसक व गैरकानूनी आचरण के बीच एक अवांछित जुड़ाव पैदा होता है।

याचिका के अनुसार, “मिर्जापुर: द मूवी” की कहानी संगठित अपराध, गैंग की दुश्मनी और हिंसक आपराधिक गतिविधियों की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें कलीन भैया सहित प्रमुख किरदारों को एक अवैध आपराधिक साम्राज्य चलाते और नियंत्रित करते दिखाया गया है, जिसमें हथियारों का गैरकानूनी कब्जा और इस्तेमाल, ड्रग्स व नशीले पदार्थों का कारोबार, जबरन वसूली, धमकी, हत्या और हिंसा के अन्य कृत्य शामिल हैं।

याचिकाकर्ता का कहना है कि ऐसे दृश्यों के साथ महाराणा प्रताप के आदर्शों से सार्वजनिक रूप से जुड़े गीत का इस्तेमाल उनके साहस, सम्मान और बलिदान के मूल्यों को फिल्म के गैंगस्टर किरदारों की आपराधिक गतिविधियों, हिंसा और गैरकानूनी ताकत से जोड़ने वाली अवांछित और भ्रामक छवि पैदा कर सकता है।

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles