सुप्रीम कोर्ट ने पुरानी रोल्स रॉयस को लेकर विवाद में दंपति का विवाह रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने एक दंपति का विवाह समाप्त कर दिया, जिनका संबंध 1951 मॉडल की दुर्लभ रोल्स रॉयस कार को लेकर बिगड़ गया था। यह कार पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा तत्कालीन बड़ौदा की महारानी के लिए ऑर्डर की गई थी।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने पक्षकारों के बीच हुए समझौते को दर्ज करते हुए आदेश दिया कि पति पत्नी को 2.25 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा। अदालत ने कहा, “हम याचिकाकर्ता और प्रतिवादी संख्या-1 (पति) के बीच विवाह को समाप्त करते हैं। अब उनके बीच कोई वैवाहिक या अन्य संबंध नहीं रहेगा।”

समझौते के तहत पति 31 अगस्त तक 1 करोड़ रुपये और 30 नवम्बर तक 1.25 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा। पत्नी को पति द्वारा दिए गए उपहार अपने पास रखने की अनुमति होगी, जबकि पति को अपनी ओर से मिले उपहार—जैसे सगाई की अंगूठी और अन्य कीमती सामान—पहली किस्त के साथ लौटाने होंगे। अदालत ने दोनों पक्षों के बीच लंबित सभी मुकदमों को समाप्त कर दिया और निर्देश दिया कि दोनों एक-दूसरे की किसी भी प्रकार से, यहाँ तक कि सोशल मीडिया पर भी, बदनामी नहीं करेंगे।

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ग्वालियर निवासी महिला, जो खुद को छत्रपति शिवाजी महाराज की नौसेना के एक सेनापति की वंशज बताती हैं, ने आरोप लगाया कि उसके पति और ससुरालवालों ने लगातार 1951 मॉडल की रोल्स रॉयस और मुंबई में एक फ्लैट की मांग की। यह कार, एच.जे. मुलिनर एंड कंपनी द्वारा हाथ से बनाई गई अनोखी मॉडल है, जिसकी मौजूदा कीमत 2.5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जाती है।

महिला का कहना था कि पति और ससुर का इस कार के प्रति “झुकाव” ही विवाद का मुख्य कारण बना। वहीं, पति—जो मध्य प्रदेश में एक शैक्षणिक संस्थान चलाते हैं और सेना के परिवार से ताल्लुक रखते हैं—ने इन आरोपों से इंकार किया।

मामला सुप्रीम कोर्ट तब पहुँचा जब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (ग्वालियर पीठ) ने महिला की दहेज और क्रूरता संबंधी शिकायत को खारिज कर दिया। पति ने भी पत्नी और उसके परिजनों के खिलाफ विवाह प्रमाणपत्र को लेकर धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया था।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सुलझाने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता और केरल हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आर. बसंत को मध्यस्थ नियुक्त किया था। अब समझौते को दर्ज कर विवाह रद्द कर दिए जाने के साथ ही, देश की सर्वोच्च अदालत ने इस अनोखे वैवाहिक विवाद का पटाक्षेप कर दिया है, जिसका केंद्र एक विंटेज रोल्स रॉयस कार रही।

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