पुणे पोर्शे दुर्घटना मामला: ब्लड सैंपल से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार ससून अस्पताल के पूर्व अधीक्षक को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पुणे पोर्शे हादसे से जुड़े ब्लड सैंपल से छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार ससून जनरल अस्पताल के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय तावरे को जमानत दे दी। न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने समानता के आधार पर यह राहत प्रदान की, क्योंकि इस मामले में अन्य सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है।

यह मामला 19 मई 2024 को पुणे के कल्याणी नगर क्षेत्र में हुई उस भीषण दुर्घटना से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर शराब के नशे में एक 17 वर्षीय किशोर द्वारा चलाई जा रही पोर्शे कार ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी, जिससे दो आईटी पेशेवरों की मौत हो गई थी। जांच के दौरान आरोप सामने आए कि किशोर से संबंधित ब्लड सैंपल में हेरफेर किया गया था, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन और अन्य लोगों की भूमिका जांच के दायरे में आई।

डॉ. तावरे को जमानत देते समय अदालत ने यह ध्यान रखा कि इस प्रकरण के अन्य आरोपियों को पहले ही राहत दी जा चुकी है। 2 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कथित बिचौलिए अमर संतोष गायकवाड़ तथा कार में मौजूद दो अन्य नाबालिगों के अभिभावकों—आदित्य अविनाश सूद और आशीष सतीश मित्तल—को जमानत दी थी। उस आदेश में अदालत ने यह भी कहा था कि नाबालिगों से जुड़े ऐसे मामलों में अभिभावकों की जिम्मेदारी तय होती है।

सूद और मित्तल को 19 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया गया था, क्योंकि जांच में सामने आया कि दो अन्य नाबालिगों की जांच के लिए उनके ब्लड सैंपल का उपयोग किया गया था। अदालत ने उस समय यह भी माना था कि सह-आरोपी लंबे समय से हिरासत में हैं, जो जमानत पर विचार करने का एक महत्वपूर्ण पहलू है।

इससे पहले 7 जनवरी को अदालत ने सूद और मित्तल की जमानत याचिकाओं पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा था, जबकि 23 जनवरी को गायकवाड़ की याचिका पर भी राज्य से प्रतिक्रिया तलब की गई थी।

READ ALSO  “Tomorrow, You Will Ask Us to Monitor Handkerchiefs”: Supreme Court Dismisses Plea Seeking Ban on Non-Biodegradable Lawyer Bands

डॉ. तावरे को मिली जमानत के साथ ही ब्लड सैंपल में कथित छेड़छाड़ से जुड़े सभी प्रमुख आरोपियों को अब सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल चुकी है।

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles