2017 के हाईवे हादसे में अपाहिज हुए युवक को ₹1.06 करोड़ का मुआवजा, पालघर ट्रिब्यूनल का फैसला

महाराष्ट्र के पालघर स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) ने वर्ष 2017 में हुए एक भीषण सड़क हादसे में स्थायी रूप से अपाहिज हुए 31 वर्षीय युवक को ₹1.06 करोड़ का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। न्यायाधिकरण ने माना कि दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी तेज रफ्तार ट्रेलर ड्राइवर की थी, जिसकी टक्कर से पीड़ित का जीवन पूरी तरह बदल गया।

एमएसीटी सदस्य ए आर रहाणे ने ट्रेलर के मालिक और उसकी बीमा कंपनी ‘न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड’ को यह राशि संयुक्त रूप से चुकाने का आदेश दिया। न्यायाधिकरण ने याचिका दाखिल करने की तारीख से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ पूरी रकम दो महीने के भीतर जमा करने का निर्देश दिया है। यह मुआवजा पीड़ित ऋषभ विजयकुमार चोपड़ा को मिलेगा, जो हादसे के समय होटल प्रबंधन के छात्र थे।

31 दिसंबर 2017 की खौफनाक रात

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दावा याचिका के अनुसार, 31 दिसंबर 2017 को ऋषभ अपने माता-पिता के साथ गुजरात के वापी से मुंबई जा रहे थे। कार उनके पिता चला रहे थे। मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर हलोली गांव के पास सामने से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार तीन से चार बार पलटते हुए सड़क की दूसरी तरफ जा गिरी।

इस हादसे में ऋषभ की मां की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ऋषभ को गंभीर शारीरिक चोटें आईं। दुर्घटना के कारण उनके शरीर का निचला हिस्सा पूरी तरह से निष्क्रिय (पैराप्लेजिक) हो गया। डॉक्टरों के अनुसार, वह 70 प्रतिशत स्थायी रूप से विकलांग हो चुके हैं और अब पूरी तरह बिस्तर पर निर्भर हैं।

बीमा कंपनी का दावा खारिज

सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी न्यू इंडिया एश्योरेंस ने मुआवजे की राशि का विरोध करते हुए तर्क दिया था कि दुर्घटना में कार चला रहे ऋषभ के पिता की भी लापरवाही थी। इसके अलावा कंपनी ने भविष्य की कमाई के नुकसान और इलाज के खर्च के आंकड़ों पर भी सवाल उठाए।

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न्यायाधिकरण ने बीमा कंपनी की इन दलीलों को सिरे से नकार दिया। सदस्य ए आर रहाणे ने कहा कि पुलिस ने मामले में केवल ट्रेलर चालक के खिलाफ ही लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के आरोप में चार्जशीट दाखिल की है। न्यायाधिकरण ने अपने अवलोकन में स्पष्ट किया कि पुलिस की चार्जशीट प्राथमिक रूप से यह साबित करती है कि दुर्घटना पूरी तरह से ट्रेलर चालक की लापरवाही का परिणाम थी।

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