भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने सार्वजनिक नीलामी की पवित्रता की पुष्टि करते हुए कहा है कि धोखाधड़ी, मिलीभगत या गंभीर अनियमितताओं से प्रभावित होने पर ही इसे रद्द किया जा सकता है। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति नोंगमईकापम कोटिस्वर सिंह की पीठ ने संजय शर्मा बनाम कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड (सिविल अपील संख्या ___/2024) में
