भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अलीशा बेरी बनाम नीलम बेरी (स्थानांतरण याचिका (आपराधिक) संख्या 856/2024) के मामले में जोरदार ढंग से फैसला सुनाया कि घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम, 2005 (डीवी अधिनियम) के तहत कार्यवाही में जमानती वारंट जारी करना कानूनी रूप से अनुचित है। न्यायमूर्ति संदीप मेहता की अगुवाई वाली पीठ ने
