ओडिशा हाईकोर्ट ने राज्यसभा चुनाव में कथित क्रॉस वोटिंग के मामले में बीजू जनता दल (BJD) के पांच विधायकों को नोटिस जारी किया है। यह मामला पार्टी के आठ विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग वाली याचिकाओं को विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी द्वारा खारिज किए जाने से जुड़ा है।
हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों को 4 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 11 जनवरी को होगी।
जिन पांच विधायकों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें अरविंद महापात्र, सुभाषिनी जेना, सनातन महाकुड, सौविक बिस्वाल और चक्रमणि कन्हार शामिल हैं।
विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती
विवाद 16 फरवरी को हुए राज्यसभा चुनाव से जुड़ा है। BJD के मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने पार्टी व्हिप के कथित उल्लंघन और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में आठ विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी।
इन विधायकों में अरविंद महापात्र, सनातन महाकुड, नबकिशोर मलिक, देबी रंजन त्रिपाठी, सौविक बिस्वाल, रामाकांत भोई, सुभाषिनी जेना और चक्रमणि कन्हार शामिल थे।
विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने अयोग्यता संबंधी याचिकाएं खारिज कर दी थीं। इसके बाद BJD ने उनके फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
बिना सुनवाई के याचिकाएं खारिज करने का आरोप
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मिलन कानूनगो ने दलील दी कि विधानसभा अध्यक्ष ने शिकायतकर्ताओं को सुनने और उनके साक्ष्यों व तर्कों पर विचार किए बिना अयोग्यता संबंधी याचिकाएं खारिज कर दीं।
उन्होंने कहा कि याचिकाएं तकनीकी आधार पर खारिज की गई थीं। यदि शिकायतकर्ताओं को अवसर दिया जाता, तो वे संबंधित कमियों को दूर कर सकते थे।
याचिकाकर्ताओं ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर पुनर्विचार की मांग भी की।
हालांकि, ओडिशा के महाधिवक्ता पीतांबर आचार्य ने इसका विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि कानून के तहत विधानसभा अध्यक्ष पहले से पारित आदेश की समीक्षा नहीं कर सकते।
मामला दोबारा विधानसभा अध्यक्ष के पास भेजने पर विचार
हाईकोर्ट ने इससे पहले 14 अक्टूबर को मामले की सुनवाई की थी। उस दौरान अदालत ने संबंधित पक्षों से यह स्पष्ट करने को कहा था कि क्या मामले को पुनर्विचार के लिए विधानसभा अध्यक्ष के पास वापस भेजा जा सकता है।
इसके बाद अगली सुनवाई 29 अक्टूबर के लिए निर्धारित की गई थी। अब अदालत ने पांच विधायकों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए 4 दिसंबर तक का समय दिया है।
राज्यसभा चुनाव में 11 विधायकों पर क्रॉस वोटिंग का आरोप
ओडिशा में 16 फरवरी को हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान BJD के आठ और कांग्रेस के तीन विधायकों पर कथित क्रॉस वोटिंग के आरोप लगे थे।
चुनाव के बाद BJD के मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने पार्टी के आठ विधायकों के खिलाफ अयोग्यता संबंधी याचिकाएं दाखिल की थीं। वहीं, कांग्रेस ने भी अपने तीन विधायकों के खिलाफ अलग से कार्रवाई की मांग की थी।
विधानसभा अध्यक्ष द्वारा याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद BJD ने हाईकोर्ट का रुख किया। मामला फिलहाल हाईकोर्ट में लंबित है और अगली सुनवाई 11 जनवरी को होगी।
