22 अगस्त को, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि कानून के एक विशिष्ट प्रावधान के तहत एक लोक सेवक माना जाना स्वचालित रूप से आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआर.पी.सी.) की धारा 197 द्वारा दी गई सुरक्षा प्रदान नहीं करता है। यह फैसला न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल द्वारा सुनाया गया, और यह सीआरपीसी की धारा 482
