लखनऊ: अवध बार एसोसिएशन, हाईकोर्ट लखनऊ ने एसोसिएशन की सदस्यता के इच्छुक अधिवक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने निर्णय लिया है कि नए आवेदकों को सदस्यता प्रदान करने से पूर्व एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘KYB’ (Know Your Bar/Know Your Bench) से गुजरना होगा। यह पहल बार की गरिमा बनाए रखने और नए अधिवक्ताओं को पेशेवर बारीकियों से अवगत कराने के उद्देश्य से की गई है।
सदस्यता प्रक्रिया और KYB कार्यक्रम का उद्देश्य
अवध बार एसोसिएशन के महासचिव ललित किशोर तिवारी द्वारा जारी सूचना के अनुसार, सदस्यता के लिए प्राप्त आवेदनों को संकलित कर एक प्रस्तावित सूची तैयार की गई है, जिसे तीन भागों (भाग-1, भाग-2 और भाग-3) में विभाजित किया गया है। सदस्यता प्रक्रिया को अंतिम रूप देने से पहले, एसोसिएशन ने ‘KYB’ कार्यशाला आयोजित करने का निर्णय लिया है।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नए अधिवक्ताओं को निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षित करना और समझाना है:
- कोर्ट ड्रेस कोड: हाईकोर्ट में निर्धारित यूनिफॉर्म का पालन।
- शिष्टाचार: वरिष्ठ अधिवक्ताओं और न्यायालय के प्रति उचित व्यवहार।
- बार संस्कृति: अवध बार एसोसिएशन की समृद्ध विरासत और कार्य संस्कृति।
- पेशेवर दक्षता: अधिवक्ता की गरिमा, केस की तैयारी, ड्राफ्टिंग (मसौदा तैयार करना) और बहस करने के तौर-तरीके।
कार्यशाला का विस्तृत कार्यक्रम
एसोसिएशन ने आवेदकों की संख्या को देखते हुए कार्यशाला को तीन अलग-अलग तिथियों में विभाजित किया है। सभी कार्यक्रम ‘महामना सभागार’ में सायं 4:00 बजे से 6:00 बजे तक आयोजित किए जाएंगे:
- भाग संख्या-1 के आवेदक: दिनांक 23.04.2026 को उपस्थित होंगे।
- भाग संख्या-2 के आवेदक: दिनांक 27.04.2026 को उपस्थित होंगे।
- भाग संख्या-3 के आवेदक: दिनांक 29.04.2026 को उपस्थित होंगे।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि इस कार्यशाला में प्रतिभाग करना अनिवार्य है और कार्यशाला के समापन के उपरांत ही अंतिम सदस्यता सूची जारी की जाएगी।
एसोसिएशन की कार्यकारिणी
यह निर्णय अध्यक्ष पं. एस. चन्द्र और महासचिव ललित किशोर तिवारी के नेतृत्व वाली कार्यकारिणी द्वारा लिया गया है। नोटिस में वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र शर्मा ‘अटल’, उपाध्यक्ष (मध्य) हरि ओम पाण्डेय व पवन कुमार सिंह, उपाध्यक्ष (कनिष्ठ) राघवेन्द्र पाण्डेय, और संयुक्त सचिव गौरव श्रीवास्तव, अंगद प्रसाद शुक्ला व आशुतोष सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों के नाम भी शामिल हैं।
कोषाध्यक्ष आलोक कुमार त्रिपाठी और कार्यकारिणी के वरिष्ठ व कनिष्ठ सदस्यों की देखरेख में इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की तैयारी की गई है।

