2016 से लंबित केरल में AIIMS के प्रस्ताव पर जल्द फैसला करे केंद्र: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को राज्य में AIIMS स्थापित करने के लंबे समय से लंबित प्रस्ताव पर बिना और देरी किए फैसला लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रस्ताव 2016 से केंद्र के पास लंबित है और इस पर निर्णय लेते समय राज्य की जरूरतों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

चीफ जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस श्याम कुमार वी एम की बेंच ने यह निर्देश उन दो याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया, जिनमें कासरगोड या कोट्टायम में AIIMS स्थापित करने की मांग की गई है।

बजट घोषणा में शामिल नहीं हुआ AIIMS प्रस्ताव

केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत केरल में AIIMS स्थापित करने का प्रस्ताव अब तक किसी बजट घोषणा में शामिल नहीं किया गया है।

केंद्र ने कोर्ट को यह भी बताया कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना को अगले पांच वर्षों के लिए आगे बढ़ाने का प्रस्ताव फिलहाल विभिन्न मंत्रालयों के बीच विचार-विमर्श के स्तर पर है।

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केंद्र के मुताबिक, नए AIIMS की स्थापना पर फैसला तभी लिया जा सकता है जब योजना को जारी रखने की मंजूरी मिल जाए और इसके लिए धन आवंटित कर दिया जाए। इसके बाद संबंधित प्रस्ताव को नीति के अनुसार कैबिनेट के विचार के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।

केरल ने चार स्थान किए थे चिह्नित

हलफनामे के अनुसार, केरल सरकार ने 2014 से ही AIIMS के लिए चार संभावित स्थान चिह्नित किए थे। इनमें कोझिकोड, तिरुवनंतपुरम, कोट्टायम और एर्नाकुलम जिले शामिल हैं।

वर्ष 2025 में राज्य सरकार ने कोझिकोड के किनालूर को AIIMS के लिए अपनी पसंदीदा जगह बताया था।

केंद्र ने कहा कि इस मामले में 2019 और 2020 में वित्त मंत्रालय से भी परामर्श किया गया था, लेकिन इसके बावजूद AIIMS स्थापित करने का प्रस्ताव अब तक किसी बजट घोषणा का हिस्सा नहीं बना।

AIIMS कासरगोड जनकीय कूट्टायमा की ओर से पेश एडवोकेट के के सुबीश ने बताया कि केंद्र ने कोर्ट में यह भी कहा कि नए AIIMS की स्थापना के लिए उन राज्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं अपेक्षाकृत कमजोर हैं, जबकि केरल में स्वास्थ्य ढांचा अच्छा है।

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केंद्र ने मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाओं का दिया हवाला

डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया ओ एम शालिना के जरिए दाखिल हलफनामे में केंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में सस्ती और भरोसेमंद उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में क्षेत्रीय असमानता को कम करना और गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा की सुविधाओं को मजबूत करना है।

केंद्र ने कहा कि केरल में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए तिरुवनंतपुरम और कोझिकोड मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ अलप्पुझा के गवर्नमेंट टी डी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक मंजूर कर स्थापित किए गए हैं।

हलफनामे में यह भी कहा गया कि योजना के फेज V-A के तहत वर्ष 2017 में तिरुवनंतपुरम स्थित श्री चित्रा तिरुनाल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी को 170 बेड वाले सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के निर्माण के जरिए अपग्रेड किया गया।

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केंद्र के अनुसार, इन सुविधाओं से केरल में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है।

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