हालिया कानूनी घटनाक्रम में, कर्नाटक हाईकोर्ट ने 03.09.2022 के एक आदेश को चुनौती देने वाली एक रिट याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ता, श्री प्रदीप एन ने अंतरिम भरण-पोषण से संबंधित हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 24 के तहत मैसूर के पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश द्वारा जारी आदेश को रद्द करने की मांग की
