जेपीएससी नियुक्ति विवाद: झारखंड सरकार को मोहलत देने से हाईकोर्ट का इनकार, 18 सितंबर तक जवाब तलब

झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं और 13वीं जेपीएससी परीक्षा के तहत हुई नियुक्तियों को रद्द करने के मामले में राज्य सरकार को झटका दिया है। अदालत ने मामले में जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने के लिए सरकार की ओर से मांगी गई चार हफ्ते की मोहलत खारिज कर दी। इसके साथ ही अदालत ने सरकार को 18 सितंबर तक अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।

जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में मंगलवार को इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई हुई। अदालत ने पहले सरकार को 15 सितंबर तक जवाब दाखिल करने का समय दिया था, लेकिन प्रशासन की ओर से और वक्त मांगा गया। हाईकोर्ट ने अतिरिक्त समय की मांग ठुकराते हुए मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर तय कर दी।

नियुक्तियों को रद्द करने पर पहले ही रोक

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यह पूरा विवाद राज्य सरकार के उस फैसले से जुड़ा है, जिसके तहत 11वीं और 13वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा के जरिए चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां रद्द कर दी गई थीं। सरकार ने फूड सेफ्टी अफसरों की बहाली भी रद्द कर दी थी। अभ्यर्थियों ने सरकार की इस अधिसूचना को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने 20 अगस्त को बड़ा अंतरिम फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने सरकार के अधिसूचना आदेश पर रोक लगा दी थी, जिससे संबंधित पदों पर चयनित अभ्यर्थियों और याचिकाकर्ताओं को अपने पदों पर बने रहने की राहत मिली।

जांच और अंतिम फैसले पर टिकी रहेगी नौकरी

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी साफ किया है कि अंतरिम राहत के तहत काम कर रहे अभ्यर्थियों का भविष्य जांच रिपोर्ट और अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।

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अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि यदि जांच के दौरान किसी भी अभ्यर्थी की नियुक्ति में किसी तरह की गड़बड़ी या धांधली सामने आती है, तो उसके खिलाफ सेवा समाप्ति समेत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, मामले की जांच पूरी होने और अदालत के अंतिम फैसले के बाद ही सभी चयनित उम्मीदवारों के पदों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

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