इलैयाराजा बनाम सोनी: सुप्रीम कोर्ट ने कॉपीराइट विवाद बॉम्बे हाईकोर्ट ट्रांसफर किया, संगीतकार की क्षेत्राधिकार वाली दलील खारिज

 भारतीय संगीत उद्योग के एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम में, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सोनी म्यूजिक एंटरटेनमेंट की याचिका को स्वीकार करते हुए दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा से जुड़े कॉपीराइट विवाद को मद्रास हाईकोर्ट से बॉम्बे हाईकोर्ट ट्रांसफर करने का आदेश दिया है।

जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस विनोद के. चंद्रन की पीठ ने यह फैसला सुनाया। इस आदेश के बाद अब इस कानूनी लड़ाई की सुनवाई मुंबई में होगी, जहाँ इसी मामले से संबंधित एक पुराना मुकदमा पहले से ही लंबित है।

यह पूरा कानूनी विवाद 536 फिल्मी गानों के कॉपीराइट अधिकारों को लेकर है। पांच दशकों से अधिक के करियर में 7,000 से ज्यादा गाने देने वाले इलैयाराजा की फर्म ‘इलैयाराजा म्यूजिक एन मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ और सोनी म्यूजिक के बीच इन गानों के मालिकाना हक को लेकर टकराव है। सोनी म्यूजिक का दावा है कि उसने ओरिएंटल रिकॉर्ड्स और इको रिकॉर्डिंग के माध्यम से इन गानों के अधिकार कानूनी रूप से हासिल किए हैं।

सोनी म्यूजिक ने सबसे पहले 2022 में बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, ताकि इलैयाराजा की फर्म को इन गानों का उपयोग करने से रोका जा सके। इसके जवाब में, संगीतकार की फर्म ने मद्रास हाईकोर्ट में एक अलग मुकदमा दायर कर दिया था।

सुनवाई के दौरान सोनी म्यूजिक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तर्क दिया कि चूंकि पहला मुकदमा बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर किया गया था, इसलिए न्यायिक निरंतरता बनाए रखने और विरोधाभासी आदेशों से बचने के लिए मद्रास वाले मामले को भी वहीं ट्रांसफर किया जाना चाहिए।

READ ALSO  30 दिनों के भीतर निर्णय न देने पर नियुक्ति को माना जाएगा 'डीम्ड अप्रूवल'; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्लर्क की नियुक्ति रद्द करने वाला BSA का आदेश पलटा

दूसरी ओर, संगीतकार इलैयाराजा का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इस ट्रांसफर का विरोध किया और बॉम्बे हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) पर सवाल उठाए।

हालांकि, जस्टिस संजय कुमार ने टिप्पणी की कि प्रतिवादी पहले बॉम्बे हाईकोर्ट में मुकदमा चलाने के खिलाफ कोई राहत मांगने में विफल रहे थे। पीठ ने यह भी कहा कि संगीतकार की फर्म उन मुद्दों पर दोबारा मुकदमा चलाने की कोशिश कर रही है, जो पहले से ही मुंबई की कार्यवाही का हिस्सा हैं।

READ ALSO  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट: राजस्व अधिकारी / तहसीलदार आधिकारिक क्षमता में आदेश पारित करने पर संरक्षण के हकदार, 1985 के न्यायाधीश (संरक्षण) अधिनियम के तहत

यह पहली बार नहीं है जब इलैयाराजा को इस मामले में स्थान (Venue) को लेकर झटका लगा है। पिछले साल 28 जुलाई को भी सुप्रीम कोर्ट ने संगीतकार की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने मामले को बॉम्बे से मद्रास हाईकोर्ट ट्रांसफर करने की मांग की थी। तब कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि कंपनी ने वैध रूप से अधिकार खरीदे थे और मामला उसी अदालत के दायरे में रहना चाहिए जहाँ पहली बार मुकदमा दर्ज हुआ था।

सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा आदेश के बाद अब 536 गानों से जुड़े सभी कानूनी तर्क और विवाद एक ही छत के नीचे यानी बॉम्बे हाईकोर्ट में तय किए जाएंगे।

READ ALSO  हाईकोर्ट ने बिना तथ्य और क़ानून को देखे आदेश पारित कियाः सुप्रीम कोर्ट ने चेक पर फ़र्ज़ी हस्ताक्षर मामले में कहा
Ad 20- WhatsApp Banner

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles