हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए शिमला के 102 साल पुराने कमला नेहरू अस्पताल (KNH) से गाइनोकोलॉजी (स्त्री रोग) ओपीडी को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिफ्ट करने के राज्य सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है। सरकार के इस कदम का पिछले एक महीने से डॉक्टरों, महिला संगठनों और स्थानीय निवासियों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा था।
मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वुमेन्स एसोसिएशन (AIDWA) की सचिव फालमा चौहान द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले पर विस्तृत जवाब भी तलब किया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाल ही में कमला नेहरू अस्पताल की ओपीडी और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं को आईजीएमसी शिमला स्थानांतरित करने का निर्णय लिया था। सरकार का तर्क था कि आईजीएमसी में मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों और विपक्षी दलों ने इसे एक ऐतिहासिक अस्पताल के अस्तित्व को कमजोर करने की साजिश करार देते हुए इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि यह अस्पताल पिछले एक सदी से अधिक समय से महिलाओं और बच्चों को विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। अस्पताल की सेवाओं को स्थानांतरित करने से मरीजों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानांतरण प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। खंडपीठ ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि वह इस प्रस्तावित बदलाव के पीछे के तर्क को स्पष्ट करे। साथ ही, कोर्ट ने विभाग से यह बताने को भी कहा है कि इस बदलाव से मरीजों को क्या लाभ होगा और इसके क्या नुकसान हो सकते हैं।
हाईकोर्ट के इस फैसले का विरोध प्रदर्शन कर रहे संगठनों ने स्वागत किया है। एडवा (AIDWA) की सचिव फालमा चौहान ने इसे जनता की जीत बताते हुए कहा कि ओपीडी शिफ्ट होने से महिलाओं को होने वाली परेशानियों के कारण उन्हें कानूनी रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक अस्पताल शिमला की महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य केंद्र है और इसकी महत्ता को कम नहीं किया जाना चाहिए।
फिलहाल, हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कमला नेहरू अस्पताल में सेवाएं यथावत जारी रहेंगी और सरकार को अब अगली सुनवाई में अपना पक्ष मजबूती से रखना होगा।

