ज्ञानवापी मस्जिद परिसर स्थित वज़ूखाना (आचमन ताल) क्षेत्र का एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) से सर्वे कराने की मांग वाली याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई 24 अगस्त तक के लिए टाल दी है। अदालत को अवगत कराया गया कि इस मामले से जुड़ी कार्यवाही फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित है, जहां अगली सुनवाई 10 अगस्त 2026 को होनी है।
सुप्रीम कोर्ट में लंबित कार्यवाही के कारण स्थगन
जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ वाराणसी अदालत में लंबित श्रृंगार गौरी मूल वाद की प्रमुख वादी राखी सिंह की सिविल पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रही है। सोमवार को सुनवाई के दौरान प्रतिवादी अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के अधिवक्ता सैयद अहमद फैजान ने हाईकोर्ट को सूचित किया कि यह विषय वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है और शीर्ष अदालत ने इसके लिए 10 अगस्त 2026 की तिथि निर्धारित की है। सुप्रीम कोर्ट की समयसारणी को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने इस मामले की कार्यवाही स्थगित कर दी और निर्देश दिया कि इसे 24 अगस्त को संबद्ध मामलों के साथ सूचीबद्ध किया जाए।
निचली अदालत के फैसले को चुनौती
यह पुनरीक्षण याचिका वाराणसी के जिला जज द्वारा 21 अक्टूबर 2023 को दिए गए फैसले के खिलाफ दाखिल की गई है। जिला जज ने वज़ूखाना क्षेत्र का एएसआई सर्वे कराने की मांग करने वाली अर्जी को अस्वीकार कर दिया था।
याचिका में विवादित केंद्रीय संरचना को छोड़कर आसपास के पूरे वज़ूखाना क्षेत्र का एएसआई सर्वे कराने का अनुरोध किया गया है। हिंदू पक्ष का दावा है कि वज़ूखाने के मध्य स्थित संरचना शिवलिंग है, जबकि मस्जिद प्रबंधन समिति का कहना है कि वह केवल एक फव्वारा है।

