हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत किसी आपराधिक मामले में उन्हीं सबूतों/परिस्थितियों के आधार पर अनुशासनात्मक कार्यवाही को रद्द कर सकती है, जिसका परिणाम बरी हो गया हो। न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ उस मामले की सुनवाई कर रही थी, जहां अपीलकर्ता के खिलाफ आरोप यह था कि
