विनेश फोगाट मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा निर्देश: कुश्ती संघ दो हफ्ते में ले अंतिम फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) को स्टार पहलवान विनेश फोगाट को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस पर दो सप्ताह के भीतर अंतिम फैसला लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कुश्ती संघ इस निर्णय की जानकारी सीधे विनेश और अदालत को सौंपे।

सोमवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने विनेश फोगाट की याचिका का निपटारा कर दिया। सुनवाई के दौरान कुश्ती संघ के कानूनी वकील ने अदालत को आश्वस्त किया कि किसी भी तरह की अंतिम कार्रवाई करने से पहले विनेश फोगाट को अपनी बात रखने के लिए व्यक्तिगत सुनवाई का पूरा मौका दिया जाएगा।

दरअसल, विनेश की इस याचिका का मुख्य मुद्दा एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति पाना था। कुश्ती संघ के वकील ने अदालत को सूचित किया कि न्यायिक आदेशों के तहत विनेश को पहले ही ट्रायल में शामिल होने की अनुमति दी जा चुकी है और वह इसमें हिस्सा ले चुकी हैं, जिसके बाद उनकी यह मुख्य शिकायत अब अप्रासंगिक हो चुकी है।

चयन नीति पर नई याचिका की जरूरत

सुनवाई के दौरान विनेश फोगाट के वरिष्ठ वकील ने तर्क दिया कि इस याचिका में कुश्ती संघ की चयन नीतियों और सर्कुलर से जुड़े कई बड़े नीतिगत मुद्दे उठाए गए हैं, जिन पर न्यायिक समीक्षा की आवश्यकता है।

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इस पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने स्पष्ट किया कि मौजूदा याचिका के दायरे में इन व्यापक नीतिगत मामलों पर विचार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि पहलवान कुश्ती संघ की इन विशिष्ट नीतियों और नियमों को चुनौती देना चाहती हैं, तो उन्हें इसके लिए एक नई रिट याचिका दायर करनी होगी।

अनुशासनहीनता का आरोप और प्रतिबंध

यह पूरा विवाद इस साल 9 मई को कुश्ती संघ द्वारा विनेश फोगाट को जारी किए गए एक कारण बताओ नोटिस से शुरू हुआ था। संघ ने विनेश पर अनुशासनहीनता और डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था। इसके साथ ही, संन्यास से वापस लौटने वाले खिलाड़ियों के लिए तय छह महीने की अनिवार्य नोटिस अवधि के नियम का हवाला देते हुए विनेश के 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने पर रोक लगा दी गई थी।

विनेश फोगाट ने अपनी याचिका में कुश्ती संघ की इस चयन नीति को पूरी तरह मनमाना करार दिया था, जिसमें केवल विशिष्ट प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को ही ट्रायल के लिए पात्र माना गया था। उन्होंने दलील दी कि संघ द्वारा तय की गई यह समय-सीमा उनकी गर्भावस्था और प्रसव के बाद उबरने (पोस्टपार्टम रिकवरी) की अवधि के दौरान थी, जिससे उनके करियर के सामने एक भेदभावपूर्ण और अनुचित बाधा खड़ी हो गई।

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एक और नया नोटिस

अदालत द्वारा मौजूदा याचिका को बंद किए जाने के बीच, विनेश के वकील ने बेंच को एक और नए घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विनेश फोगाट को हाल ही में कुश्ती संघ की ओर से एक और नया कारण बताओ नोटिस मिला है। यह नया नोटिस एशियाई खेलों के चयन ट्रायल के दौरान उनके आचरण और व्यवहार को लेकर जारी किया गया है।

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