देश की शीर्ष अदालत में लंबे समय से लंबित पड़े बड़े संवैधानिक और कानूनी सवालों को सुलझाने की दिशा में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को उन्होंने घोषणा की कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित पड़े पुराने कानूनी संदर्भों (references) के त्वरित निपटारे के लिए वे जल्द ही सात न्यायाधीशों की कई विशेष पीठों (Benches) का गठन करने जा रहे हैं।
चीफ जस्टिस की इस घोषणा को न्यायपालिका के प्रशासनिक सुधारों और लंबित मामलों के बोझ को कम करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
सुनवाई टालते हुए CJI ने दिया संकेत
मंगलवार को एक निर्धारित मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इस सुनवाई को स्थगित करते हुए उन्होंने इन बड़ी पीठों के गठन में लगने वाले समय और प्रशासनिक व्यस्तताओं का भी जिक्र किया।
अदालती कार्यवाही के दौरान टिप्पणी करते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा, “मैं बहुत जल्द सात जजों की बेंचों का गठन करने जा रहा हूँ, और इस वजह से मुझे वर्तमान मामले को सुनने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा।”
खत्म होगा संवैधानिक मामलों का लंबा इंतजार
सात न्यायाधीशों की इन नई पीठों के गठन का रास्ता हाल ही में पूरी हुई दो बड़ी सुनवाइयों के बाद साफ हुआ है। इस साल की शुरुआत में, सुप्रीम कोर्ट ने नौ जजों की पीठ के सामने चल रहे दो अत्यंत महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई को सफलतापूर्वक पूरा किया था।
इनमें शामिल थे:
- ‘उद्योग’ (Industry) की कानूनी परिभाषा: श्रम और वाणिज्यिक क्षेत्रों में स्पष्टता लाने के उद्देश्य से इस बेहद संवेदनशील और बड़े कानूनी सवाल पर सुनवाई पूरी की गई।
- सबरीमाला संदर्भ (Sabarimala Reference): धार्मिक आस्था और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े इस ऐतिहासिक मामले की सुनवाई भी पिछले ही हफ्ते पूरी हुई है।
इन दोनों बड़ी नौ-सदस्यीय पीठों की सुनवाइयां पूरी होने के बाद, अब चीफ जस्टिस का पूरा ध्यान सात जजों की पीठों को व्यवस्थित करने पर है। हालांकि, इन आगामी पीठों के लिए किसी निश्चित तारीख या मामलों की सूची की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणियों से साफ है कि इस दिशा में काम काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

