कलकत्ता हाईकोर्ट नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान की उस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करेगा, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज पांच आपराधिक मामलों में पुलिस की दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा की गुहार लगाई है। प्रधान पांच अन्य मामलों में पहले से ही न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।
हाईकोर्ट में दी गई दलीलें
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने मिलन प्रधान के वकील को इन पांच अतिरिक्त मामलों में याचिका दाखिल करने की अनुमति प्रदान की। अदालत में पक्ष रखते हुए अधिवक्ता अयन भट्टाचार्य ने बताया कि उनके मुवक्किल ने चुनाव आयोग को सौंपे गए अपने चुनावी हलफनामे में इन सभी पांच मामलों का पहले ही उल्लेख किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधान केवल इन्हीं पांच मामलों में अंतरिम संरक्षण की मांग कर रहे हैं, जबकि जिन पांच मुकदमों में वे पहले से जेल में हैं, उनके संबंध में फिलहाल हाईकोर्ट के समक्ष कोई राहत की अर्जी नहीं लगाई गई है।
हिरासत के कारण प्रचार से बाहर हुए प्रत्याशी
अदालती कार्रवाई के चलते नंदीग्राम सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी का चुनाव प्रचार पूरी तरह रुक गया है। पूर्व मेदिनीपुर जिले की हल्दिया अदालत ने शनिवार को प्रधान को 3 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में 6 अक्टूबर को मतदान होना है और आधिकारिक चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा। ऐसे में 3 अक्टूबर तक जेल में रहने के कारण प्रधान मतदाताओं के बीच जाकर प्रचार नहीं कर सकेंगे।
2007 के आंदोलन से जुड़े 19 साल पुराने मामले
पश्चिम बंगाल पुलिस के अनुसार, मिलन प्रधान को 18 सितंबर को चार गैर-जमानती वारंटों के आधार पर पकड़ा गया था। इसके बाद चार अन्य लंबित मामलों में भी उनकी औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि ये सभी मामले 19 साल पहले वर्ष 2007 में नंदीग्राम में हुए भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान दर्ज हुए थे। इन मामलों में हत्या, हत्या का प्रयास, हत्या के इरादे से अपहरण, सबूत मिटाना, अवैध रूप से घर में घुसना और घातक हथियारों के साथ दंगा करने जैसे गंभीर गैर-जमानती आरोप शामिल हैं।
शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे से खाली हुई सीट
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर यह उपचुनाव मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद हो रहा है। इस वर्ष की शुरुआत में हुए राज्य विधानसभा चुनाव में अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराकर नंदीग्राम सीट पर जीत हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखने का निर्णय लिया और मई में नंदीग्राम सीट से त्यागपत्र दे दिया था।

