कलकत्ता हाईकोर्ट ने कथित हेट स्पीच से जुड़े एक मामले में तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को राहत देते हुए उनके खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर लगी अंतरिम रोक को 29 जनवरी 2027 तक बढ़ा दिया है। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने गुरुवार को मामले से जुड़े दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया और अगली सुनवाई के लिए 13 जनवरी की तारीख तय की।
पुलिस पूछताछ में शामिल हुईं मोइत्रा, जांच जारी: राज्य सरकार
अदालती कार्यवाही के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश हुए एडवोकेट जनरल सुरोजित नाथ मित्रा ने एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल की। उन्होंने अदालत को बताया कि कृष्णनगर से सांसद महुआ मोइत्रा पूर्व निर्देशों का पालन करते हुए 14 अगस्त को नदिया जिले के हगलबेरिया पुलिस स्टेशन में पेश हुई थीं। इस दौरान उन्होंने जांच अधिकारियों द्वारा पूछे गए सभी सवालों के जवाब दर्ज कराए। एडवोकेट जनरल ने पीठ को यह भी अवगत कराया कि मामले की जांच अभी जारी है।
पेशी के दौरान नहीं हुआ कोई विरोध, सुरक्षा के थे कड़े निर्देश
मोइत्रा के अधिवक्ता ने अदालत को सूचित किया कि 14 अगस्त को पुलिस स्टेशन में हाजिरी के दौरान सांसद पर अंडे फेंकने जैसी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। इससे पहले उनके वकील ने दलील दी थी कि मोइत्रा जब भी अपने संसदीय क्षेत्र कृष्णनगर के दौरे पर जाती हैं, तो उन्हें अक्सर अंडे फेंक कर निशाना बनाया जाता है। इसी आशंका को देखते हुए जस्टिस भट्टाचार्य ने 21 जुलाई के अपने निर्देश में पुलिस प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया था कि जांच एजेंसी के सामने पेशी के दौरान सांसद की सुरक्षा में कोई चूक न हो और उन पर अंडे फेंकने जैसी घटना न घटे।
आपराधिक मामला रद्द कराने हाईकोर्ट पहुंची हैं सांसद
गौरतलब है कि जस्टिस भट्टाचार्य ने 21 जुलाई को शर्तों के साथ मोइत्रा को दंडात्मक कदमों से 5 अक्टूबर तक अंतरिम राहत प्रदान की थी, जिसके तहत उन्हें 14 अगस्त को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होना अनिवार्य किया गया था। महुआ मोइत्रा ने हगलबेरिया थाने में दर्ज इस आपराधिक मुकदमे को पूरी तरह खारिज करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया है। अपनी याचिका में तृणमूल सांसद ने दावा किया है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं और राजनीतिक द्वेष व दुर्भावना से प्रेरित होकर दर्ज कराए गए हैं।

