ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) गुट के शहीद दिवस रैली मंच में तोड़फोड़ के आरोपों पर संज्ञान लेते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को कोलकाता पुलिस को कार्यक्रम के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त से 31 जुलाई तक मांगी रिपोर्ट
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने पुलिस संयुक्त आयुक्त (मुख्यालय) को घटना के संबंध में 31 जुलाई तक स्टेटस रिपोर्ट अदालत में पेश करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट इस मामले पर अगली सुनवाई 31 जुलाई को करेगा।
रात नौ बजे तक मंच और सामग्री हटाने का आदेश
अदालत के निर्देशों के अनुसार, मंगलवार रात 9 बजे तक रैली के मंच और उससे जुड़ी सभी सामग्रियों को स्थल से हटाना होगा। जस्टिस भट्टाचार्य ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह मंच और अन्य उपकरण हटाने की प्रक्रिया के दौरान पूर्ण सुरक्षा और आवश्यक सहयोग प्रदान करे।
आधी रात को दायर की गई थी आपातकालीन याचिका
टीएमसी के कानूनी प्रतिनिधियों ने कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश तपोब्रत चक्रवर्ती के समक्ष आधी रात को एक आपातकालीन याचिका दायर की थी। इसके बाद मंगलवार सुबह अधिवक्ता अर्क नाग ने इस मामले को हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करते हुए 15 जुलाई के पिछले आदेश में संशोधन और अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
ठेकेदारों को मिली धमकियां और लाउडस्पीकर के काटे गए तार
अधिवक्ता अर्क नाग ने अदालत को बताया कि मंगलवार सुबह बिड़ला प्लैनेटेरियम के सामने अज्ञात उपद्रवियों ने रैली स्थल के मंच को क्षतिग्रस्त कर दिया और लाउडस्पीकर सिस्टम को डिस्कनेक्ट कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टेज निर्माण और बिजली आपूर्ति सामग्री देने वाले ठेकेदारों व तकनीशियनों को लगातार धमकियां दी जा रही थीं। उन्होंने ध्यान दिलाया कि यह सब तब हुआ, जब हाईकोर्ट ने 15 जुलाई के अपने आदेश में पुलिस अधिकारियों को स्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त बल तैनात करने का निर्देश दिया था।

