दो जजों की पीठ बचा रही है लोगों की जान

राजधानी-दिल्ली हाई कोर्ट के दो जजों की पीठ रोजाना हॉस्पिटल की याचिकाओं की सुनवाई कर रही है। इन याचिकाओं में अस्पताल जीवन की सुरक्षा के मूलभूत अधिकार के आधार पर ऑक्सीजन की डिमांड कर रहे हैं। सुनवाई में सरकारी अधिकारी पेश हो रहे हैं। और अधिवक्ता बताते हैं कि इस कोर्ट ने कई लोगों की जान बचाई है।

एडवोकेट शाएल त्रेहन के मुताबिक राविवार को सीताराम हॉस्पिटल में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए सिर्फ आधे घंटे के लिए ऑक्सीजन बची हुई और नई आपूर्ति के लिए कहीं से कोई गुंजाइश नजर नही आ रही थी। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने कोर्ट से आग्रह किया ,न्यायाधीशों ने तत्काल दिल्ली सरकार को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने का आदेश दिया। कोर्ट की सुनवाई के कुछ समय बाद ही ऑक्सीजन टैंकर अस्पताल पहुँच गया। 

राजधानी में त्राहिमाम

केंद्रीय अधिकारी जिन पर ऑक्सीजन प्रबंधन का जिम्मा था। उन्होंने कोर्ट से कहा कि वे अपनी तरफ से हर संभव प्रयास कर रहे है। उन्होंने आप सरकार पर मामले का राजनीतिकरण का आरोप लगाया। दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की पीठ ने के समक्ष दिल्ली सरकार के पक्षकार वकीलो की दलीलों को सुना जिसमे ऑक्सीजन कोटा,परिवहन की समस्या और टैंकरों की कमी जैसे तर्क दिए गए।

Also Read

सप्ताहांत पर जब दिल्ली सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने फिर से ऑक्सीजन आपूर्ति समय पर न होने की बात कही तो जस्टिस रेखा पल्ली का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। उन्होंने वकीलों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि पानी अब सर के ऊपर से गुजर चुका है। अब हद हो चुकी है।अप्रैल माह में जस्टिस सांघी ने वकीलो से कहा था कि उधार लो,भीख मांगो या चुराकर लाओ किसी भी तरह से दिल्ली में ऑक्सीजन उपलब्ध करवाओ।उन्होंने कहा सरकार नही कह सकती है। हम नही कर सकते हैं। या हम इतना ही दे सकते हैं। इसलिए लोग मर रहे हैं,तो उन्हें मरने दो। 

Download Law Trend App

Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles