लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के परिसर और कोर्ट रूम में रील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किए जाने की घटनाओं को लेकर अवध बार एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन ने अधिवक्ताओं से अपने अधीन कार्यरत कनिष्ठ अधिवक्ताओं, अधिवक्ता क्लर्क और लॉ इंटर्न को ऐसी गतिविधियों से दूर रखने की अपील की है।
अवध बार एसोसिएशन के महासचिव ललित किशोर तिवारी की ओर से 2 सितंबर 2026 को जारी अपील में कहा गया है कि एसोसिएशन के संज्ञान में आया है कि कुछ युवा अधिवक्ता, अधिवक्ता क्लर्क और लॉ इंटर्न हाईकोर्ट परिसर अथवा कोर्ट रूम में रील बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं।

एसोसिएशन ने विशेष रूप से एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि बारिश के दौरान अधिवक्ता की वेशभूषा में परिसर में रील बनाकर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड किए जाने का मामला सामने आया है। एसोसिएशन के मुताबिक, इस तरह की गतिविधियां हाईकोर्ट और अवध बार एसोसिएशन की गरिमा को प्रभावित करती हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं से भी की गई अपील
महासचिव ने सभी अधिवक्ताओं से कहा है कि वे अपने अधीन कार्य करने वाले कनिष्ठ अधिवक्ताओं, अधिवक्ता क्लर्कों और लॉ इंटर्न को स्पष्ट रूप से समझाएं कि हाईकोर्ट परिसर में रील न बनाएं और ऐसा कोई कार्य न करें जिससे परिसर तथा अधिवक्ता समाज की गरिमा को ठेस पहुंचे।
इसके साथ ही कनिष्ठ अधिवक्ताओं, अधिवक्ता क्लर्कों और लॉ इंटर्न से भी सीधे अपील की गई है कि वे परिसर में रील बनाने से परहेज करें और हाईकोर्ट तथा अवध बार एसोसिएशन की गरिमा बनाए रखें।

