इलाहाबाद हाई कोर्ट में 14 जुलाई से फिजिकल हियरिंग इन शर्तों के साथ होगी

उत्तर प्रदेश में COVID19 की स्थिति में सुधार होने के साथ, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बुधवार 14 जुलाई से खुली अदालत (फिजिकल हियरिंग) में सुनवाई करने का निर्णय लिया है और इस संबंध में दिशानिर्देशों को अंतिम रूप भी दे दिया गया है।  

वर्चुअल सुनवाई के साथ ओपन कोर्ट में सुनवाई का फैसला कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एमएन भंडारी की अध्यक्षता वाली जजों की कमेटी ने लिया है।

इलाहाबाद और लखनऊ हाईकोर्ट दोनों में शारीरिक सुनवाई के तौर-तरीके निम्नलिखित होंगे:

  • यदि वकील वर्चुअल सुनवाई का विकल्प चुनता है तो रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय को पूर्व सूचना देनी होगी।
  • कोर्ट परिसर में केवल उन्हीं वकीलों को जाने की अनुमति होगी, जिनके मामले सूचीबद्ध हैं। 
  • वकीलों को प्रवेश के समय COVID19 वैक्सीन प्रमाणपत्र  दिखाना होगा, इसका मतलब ये है कि यानी जिन वकीलों का अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ है, उन्हें कोर्ट परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
  • यदि प्रमाण पत्र नहीं दिखाया या विरोध किया जाता है, तो खुली अदालत में शारीरिक सुनवाई की योजना को स्थगित किया जा सकता है।  
  • कोर्ट परिसर में सभी के लिए मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।  
  • 10 से अधिक अधिवक्ताओं को न्यायालय कक्ष में उपस्थित होने की अनुमति नहीं होगी। 
  • गाउन पहनने से छूट दी गई है।
  • पान, तंबाकू, गुटखा आदि का सेवन पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा परिसर में थूकने पर दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी।  
  • परिसर का समय-समय पर सैनिटाइजेशन किया जाएगा।
  • यदि शहर में लगातार तीन दिनों तक 50 से अधिक कोविड पॉजिटिव मामले पाए जाते हैं, तो खुली अदालत में सुनवाई/शारीरिक सुनवाई स्थगित कर दी जाएगी।  
  • फिलहाल वकीलों के चैंबर बंद रहेंगे। यदि सिस्टम सफल होता है, तो कक्षों को खोला जा सकता है।  

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