इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ईंधन की बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से कई नए उपाय लागू करने का निर्णय लिया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश के 15 मई 2026 के पत्र तथा भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के 12 मई 2026 के कार्यालय ज्ञापन के आधार पर जारी आदेश में अधिकारियों, कर्मचारियों और अधिवक्ताओं को कार पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन, ऑनलाइन बैठकों तथा हाइब्रिड कोर्ट कार्यवाही को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
31 मई 2026 को जारी इस कार्यालय आदेश के अनुसार ये व्यवस्थाएँ इलाहाबाद हाईकोर्ट और उसकी लखनऊ पीठ दोनों पर तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। आदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर जारी किया गया है।
अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कार पूलिंग पर जोर
आदेश में कहा गया है कि ईंधन के सर्वोत्तम उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट की रजिस्ट्री के अधिकारियों ने आपस में कार पूलिंग व्यवस्था को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, क्लास-4 से लेकर क्लास-1 तक के सभी कर्मचारियों को भी वाहन साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने कर्मचारियों से अधिकतम सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की भी अपील की है।
समितियों की बैठकें होंगी ऑनलाइन
इलाहाबाद और लखनऊ पीठ के सदस्यों वाली माननीय समितियों की बैठकों को यथासंभव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या अन्य ऑनलाइन माध्यमों से आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसी बैठकों को सुगम बनाने के लिए सह-प्रस्तुतिकरण अधिकारी (Co-Presenting Officer) भी नियुक्त किया जा सकता है।
कोर्ट कार्यवाही में अपनाया जाएगा हाइब्रिड मोड
आदेश का सबसे महत्वपूर्ण पहलू कोर्ट कार्यवाही में हाइब्रिड मोड को बढ़ावा देना है। हाईकोर्ट ने कहा है कि संबंधित कोर्ट या जज के विवेकाधिकार पर मामलों की सुनवाई हाइब्रिड मोड में की जा सकती है।
इसके तहत अधिवक्ताओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं से भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित हाइब्रिड प्रणाली का अधिकतम उपयोग करने का अनुरोध किया गया है।
ई-मेल आईडी और हेल्पलाइन नंबर की व्यवस्था
हाइब्रिड सुनवाई की प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार (न्यायिक) (कंप्यूटर) को एक समर्पित ई-मेल आईडी और कम से कम दो हेल्पलाइन नंबर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इन माध्यमों से अधिवक्ताओं और अन्य संबंधित पक्षों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
आदेश के क्रियान्वयन के निर्देश
कार्यालय आदेश की प्रतियां लखनऊ पीठ के वरिष्ठ रजिस्ट्रार, विभिन्न रजिस्ट्रारों, बेंच सचिवों, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं। साथ ही आदेश को हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने और हाइब्रिड सुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रमुख बिंदु
- अधिकारियों के लिए कार पूलिंग व्यवस्था को बढ़ावा।
- सभी कर्मचारियों के बीच वाहन साझा करने की व्यवस्था को प्रोत्साहन।
- सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग पर जोर।
- इलाहाबाद और लखनऊ के बीच समिति बैठकों को ऑनलाइन आयोजित करने की व्यवस्था।
- जजों के विवेकाधिकार पर हाइब्रिड मोड में सुनवाई।
- अधिवक्ताओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने के लिए प्रोत्साहन।
- हाइब्रिड सुनवाई के लिए समर्पित ई-मेल आईडी और हेल्पलाइन नंबर स्थापित किए जाएंगे।

